Jaya Prada Elder brother Raja Babu Passes Away: फिल्म अभिनेत्री और रामपुर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रही जयाप्रदा के बड़े भाई राजा बाबू अब इस दुनिया में नहीं हैं। गुरुवार शाम उन्होंने हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। जानकारी के मुताबिक, उनका अंतिम संस्कार 28 फरवरी को हैदराबाद में किया जाएगा। राजा बाबू फिल्म अभिनेता के साथ-साथ फिल्म निर्देशक भी थे। रामपुर से उनका विशेष लगाव था।
जयाप्रदा ने खुद पोस्ट कर दी जानकारी
अपने बड़े भाई राजा बाबू के निधन की जानकारी खुद जयाप्रदा ने एक्स पर पोस्ट कर दी। जयाप्रदा ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘अत्यंत दुःख के साथ मैं आपको सूचित कर रही हूं कि मेरे बड़े भाई राजा बाबू का आज दोपहर 3:26 बजे हैदराबाद में निधन हो गया है। कृपया उन्हें अपनी प्रार्थनाओं में जगह दें।
It is with Great Sorrow that I inform you of the passing of My Elder Brother, Mr. Raja Babu, who has now reached God’s Heavenly Abode today @ 3:26 pm (Hyderabad) Kindly keep him in your Prayers.
Jayaprada..
---विज्ञापन---Further details will be shared soon. pic.twitter.com/E3XgZSHXdx
— Jaya Prada (@realjayaprada) February 27, 2025
रामपुर में शोक की लहर
राजा बाबू के निधन की खबर सुनकर रामपुर जिले में शोक की लहर छा गई। जयाप्रदा के समर्थकों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। 2004 से 2021 तक जयाप्रदा के करीबी रहे एवं वर्तमान में रामपुर जिला पंचायत के सदस्य मुस्तफा हुसैन ने राजा बाबू के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह हंसमुख और दरिया दिल इंसान थे। वह सभी धर्मों का सम्मान करते थे। जयाप्रदा अपने भाई राजाबाबू से बहुत प्यार करती थीं। जब भी जयाप्रदा रामपुर क्षेत्र में आती थीं तो राजा बाबू हमेशा उनके साथ रहते थे। लोगों की समस्याओं को सुनते थे और आर्थिक रूप से लोगों की मदद करते थे। उनका रामपुर के लोगों से राजनीति से हटकर व्यक्तिगत संबंध था। उनके निधन से समाज को बहुत बड़ी क्षति पहुंची है।
ऐसा है जयाप्रदा का फिल्मों से राजनीति तक का सफर
बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जयाप्रदा ने 80 और 90 के दशक में अपने करियर की बेहतरीन फिल्में दी, लेकिन एक दौर ऐसा आया जब उन्होंने अपने फिल्मी करियर से दूरी बना ली। उनकी दोबारा वापसी एक नेता के तौर पर हुई। फिल्मी कहानी की तरह इस अभिनेत्री की असल जिंदगी भी रोमांस, एक्शन, ड्रामा से भरपूर रही। अभिनेत्री और पूर्व सांसद जयाप्रदा ने बहुत कम उम्र में अपने करियर की शुरुआत की थी। 13 साल की उम्र में इंडस्ट्री में शामिल हुईं जयाप्रदा ने अपनी फिल्मों और एक्टिंग से उस दौर में टाॅप अभिनेत्रियों की लिस्ट में जगह बना ली थी। भले ही जया प्रदा ने अपने करियर में सफलता का भरपूर स्वाद लिया लेकिन, उनका निजी जीवन विवादों में रहा। जब उनका करियर चरम पर था उस समय जयाप्रदा ने साल 1986 में श्रीकांत नहाटा से शादी कर ली। खास बात यह थी कि नहाटा पहले से शादीशुदा थे।
जयाप्रदा का राजनीतिक करियर
1994 में जयाप्रदा ने एनटी रामाराव के कहने पर तेलुगू देसम पार्टी में शामिल हो गई थीं। हालांकि, साल 2000 में जयाप्रदा ने TDP छोड़ दी और समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। कहा जाता है कि सपा में जयाप्रदा को लाने का श्रेय अमर सिंह को जाता है। जया और अमर सिंह की दोस्ती भी राजनीतिक गलियारे में लगातार चर्चा में बनी रहती थीं। जब अमर सिंह सपा से अलग हुए तो जयाप्रदा ने भी पार्टी छोड़ दी और लोकदल पार्टी में शामिल हो गईं। हालांकि, बाद में वह फिर समाजवादी पार्टी में आ गईं।