Farmers Protest: कल किसान करेंगे दिल्ली कूच, जानें सीमाओं पर कैसे हैं हालात और क्या है तैयारी?

Kisan Andolan Delhi Chalo March: किसान एक बार फिर दिल्ली कूच करने के लिए तैयार हैं। इस बार किसान रेल रोको आंदोलन भी चलाएंगे और महापंचायत करेंगे, लेकिन हरियाणा पुलिस और प्रशासन की तैयारियां थोड़ी ढीली पड़ गई हैं। दिल्ली बॉर्डर सील हैं, ऐसे में कल एक बार फिर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जानिए कैसे हैं हालात और क्या है तैयारी?

Kisan Andolan Shambhu Border Haryana Punjab

Haryana Punjab Farmers Delhi Chalo March: हरियाणा और पंजाब के किसान एक बार फिर आंदोलन उग्र करने की तैयारी में हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में हजारों किसान पंजाब हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर डटे हैं।

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किसानों ने 6 मार्च को दिल्ली कूच करने का ऐलान किया है। 10 मार्च को 4 घंटे तक पूरे देश में ट्रेनें रोकने की घोषणा भी किसानों ने की है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने घोषणा की है कि वह 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान या जंतर मंतर पर ‘किसान महापंचायत’ करेंगे। इसके लिए वे पहले दिल्ली में एंट्री करेंगे।

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चंडीगढ़-अंबाला हाईवे से हटाई गई नाकाबंदी

गत 12 फरवरी से शुरू हुए किसान आंदोलन पर 21 फरवरी को रोक लगी थी, जब खनौरी बॉर्डर पर दिल्ली कूच करने के दौरान पुलिस से टकराव हुआ और झड़प में बठिंडा निवासी शुभकरण सिंह की मौत हो गई, फिर भी हजारों किसान पंजाब-हरियाणा के 2 बॉर्डर शंभू और खनौरी पर डटे हैं। इसके बावजूद हरियाणा प्रशासन ने सोमवार को अंबाला और चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर लगाए बैरिकेड हटा दिए, जबकि किसान नेता सरवन सिंह पंधेर कह चुके हैं कि प्रदर्शनकारी किसान अपना विरोध जारी रखेंगे।

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इस बार किसान नए तरीके से करेंगे दिल्ली कूच

सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि इस बार किसान नए तरीके से दिल्ली कूच करेंगे। इस बार किसाना ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर नहीं आएंगे, बल्कि ट्रेनों और बसों में दिल्ली जाएंगे। कुछ किसान पैदल दिल्ली कूच करेंगे। केंद्र सरकार किसानों को रोकने के लिए सभी हथकंडे अपना चुकी है। सरकार को लगता है कि किसान आंदोलन सिर्फ पंजाब तक सीमित है और 2 किसान संगठन इसका नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन सरकार की जानकारी के लिए बता दें कि देशभर के 200 किसान संगठन इस आंदोलन से जुड़े हैं।

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कैसे हैं दिल्ली के तीनों बॉर्डर पर हालात?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, किसान आंदोलन के चलते 13 फरवरी को दिल्ली के तीनों बॉर्डर सिंघु, टिकरी और गाजीपुर ब्लॉक कर दिए गए थे, लेकिन सिंघू बॉर्डर पर गत 24 फरवरी को दोनों तरफ की सर्विस लेन खोल दी गई थी, क्योंकि जाम लगने की वजह से हालात काफी खराब थे, जबकि बॉर्डर पर फ्लाईओवर के नीचे से नरेल आना-जाना होता है। सड़क के दोनों और दुकानें भी हैं। हरियाणा से भी काफी ट्रैफिक आता है तो जाम की स्थिति बनी रहती थी, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा था।

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गाजीपुर बॉर्डर अभी भी सील है। दिल्ली पुलिस ने मेन रोड के दोनों तरफ की सर्विस लेन को बंद किया हुआ है। दिल्ली आने-जाने के लिए लोगों को गाजियाबाद से गाजीपुर बॉर्डर की तरफ बने फ्लाईओवर से भेजा जा रहा है, लेकिन फ्लाईओवर पर भी बैरिकेडिंग है। दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात है। टिकरी बॉर्डर पर हालात अभी नॉर्मल हैं। इस बॉर्डर पर अभी कोई बैरिकेडिंग नहीं है। हालांकि पहले रोहतक हाईवे सील कर दिया गया था, लेकिन अभी बॉर्डर पूरी तरह खुला हुआ है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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