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बांग्लादेश में बैठकर दिल्ली को दहलाना चाहता था लश्कर आतंकी शब्बीर अहमद, हाफिज सईद और लखवी से ले रहा था आदेश

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. जांच में लश्कर-ए-तैयबा और उसके सरगना हाफिज सईद और सीनियर कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी का नाम भी सामने आया है.

Author Written By: Varsha Sikri Updated: Feb 22, 2026 20:05
Delhi Terror Module Busted
Credit: Social Media

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजधानी में एक्टिव एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. इस ऑपरेशन में 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जो देश में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे. जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े हुए थे. सबसे गंभीर बात ये है कि इस साजिश में लश्कर-ए-तैयबा और उसके सरगना हाफिज सईद और सीनियर कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी का नाम भी सामने आया है.

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सईद और लखवी के संपर्क में था बांग्लादेशी हैंडलर

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मॉड्यूल को विदेश में बैठे हैंडलर चला रहे थे. जांच में शब्बिर शाह लोन नाम के एक आतंकी हैंडलर की भूमिका सामने आई है, जो लंबे समय से आतंकी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि शब्बिर शाह लोन का संपर्क सीधे लश्कर-ए-तैयबा से रहा है और वो इसके सरगना और मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के नेटवर्क के लिए काम कर चुका है. शब्बिर लोन इस बार भी हमलों को अंजाम देने के लिए सईद और लखवी के संपर्क में था. जांच में इस बात के संकेत भी मिले हैं कि इस पूरे प्लान में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI शामिल है. सूत्रों के मुताबिक, आईएसआई भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए तैयार कर रही है.

क्या था प्लान?

दिल्ली पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि ये आतंकी मॉड्यूल राजधानी दिल्ली समेत बाकी बड़े शहरों में भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने की प्लानिंग कर रहा है. इसके बाद पुलिस ने कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की और संदिग्धों को गिरफ्तार किया. पूछताछ के दौरान आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी दस्तावेज और बाकी आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है. जांच में ये भी पता चला है कि कुछ आरोपी फर्जी पहचान के जरिए भारत में रह रहे थे. ये लोग सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए अपने आकाओं से संपर्क में थे. फंडिंग के लिए हवाला और अवैध पैसों का इस्तेमाल किया जा रहा था. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस आतंकी साजिश का मकसद देश में डर और अस्थिरता फैलाना था. समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ा हमला टल गया. मामले के खुलासे के बाद दिल्ली और बाकी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

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First published on: Feb 22, 2026 07:50 PM

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