---विज्ञापन---

देश

BRS नेता के. कविता की क्यों हुई जमानत याचिका खारिज, 5 पॉइंट में समझें

Delhi Excise Policy Case: ईडी ने दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 15 मार्च को के. कविता को गिरफ्तार किया था। राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने ये कहते हुए कविता की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी कि वह गवाहों को प्रभावित करने में शामिल रही हैं।

Delhi Excise Policy Case (प्रभाकर मिश्रा) : दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में अदालत ने बीआरएस नेता के. कविता की अंतरिम जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी है। राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने उस तर्क को अस्वीकार कर दिया जिसमें कविता ने अपने बेटे के एग्जाम का हवाला दिया था। कोर्ट ने कहा है कि जो तथ्य अदालत के सामने रखे गए हैं, उनके मद्देनजर इस केस में के.कविता की भूमिका प्रथम दृष्टया साबित हो रही है।

---विज्ञापन---

 

आइए आपको पांच पॉइंट में बताते हैं कि निचली अदालत ने याचिका किस आधार पर रद्द की और अपने आदेश में क्या कहा?

---विज्ञापन---
  • के. कविता को अंतरिम जमानत देने का यह सही समय नहीं है। वह केस में अहम सबूतों को खत्म करने में शामिल रही हैं।
  • जांच में शामिल होने से पहले उन्होंने अपने फोन को फॉर्मेट किया, जिससे सबूत नष्ट हो गए। इस बात की फोरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि हुई है।
  • वह गवाहों को प्रभावित करने में शामिल रही हैं। अगर अंतरिम जमानत दी जाती है तो वे आगे भी ऐसा कर सकती हैं।
  • के. कविता कोई कमजोर या लाचार महिला नहीं है, बल्कि पढ़ी लिखी और सक्षम महिला हैं। ऐसे में सिर्फ महिला होने के नाते वो PMLA के सेक्शन 45 के तहत छूट की हकदार नहीं है।
  • बेटे के एग्जाम पर कोर्ट ने कहा कि 16 साल के बेटे की परीक्षा के लिए परिवार में पिता समेत दूसरे लोग भी है, जो बच्चे का ख्याल रख सकते हैं।

ये भी पढ़ें: मायावती की बसपा को बड़ा झटका, राजस्थान से प्रत्याशी ने नामांकन वापस लिया, की ‘घर’ वापसी

अदालत में सुनवाई के दौरान यह हुआ

सुनवाई के दौरान ईडी ने के. कविता पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए और नियमों का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत याचिका का विरोध किया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 22 मार्च को के. कविता की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। गौरतलब है कि ईडी ने दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 15 मार्च को उन्हें  हैदराबाद उनके आवास से गिरफ्तार किया था। अदालत ने 9 अप्रैल तक उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा है।

First published on: Apr 08, 2024 05:42 PM

End of Article

About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

Read More
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola