Flight Bomb Threat : पिछले 3 दिनों में 18 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद विमानों को डायवर्ट कर अलग-अलग एयरपोर्टों पर उतारा गया। कनाडा के इकालुइट एयरपोर्ट पर B777 की लैंडिंग से लेकर सिंगापुर के पास एक विमान को फाइटर प्लेन से एस्कॉर्ट करने तक, यह स्थिति एयरलाइंस, यात्रियों, एयरपोर्ट, सुरक्षा एजेंसी और सरकार के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही। अब इसकी जांच हो रही है कि ये धमकियां कहां से आ रही हैं और भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए। आइए जानते हैं कि विमान में बम की धमकी मिलने के बाद यात्रियों को क्या करना चाहिए?
बम की धमकी का असर सभी एयरलाइनों पर पड़ा है, जिसमें इंडिगो, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर, स्पाइसजेट और अलायंस एयर शामिल हैं। आसमान में उड़ान के दौरान अचानक से बम की धमकी की सचना और विमान के बगल में फाइटर प्लेन को देखकर स्वाभाविक है कि यात्री डर जाएंगे। ऐसी हालत में यात्रियों को भगदड़ नहीं मचानी चाहिए। यात्रियों में वरिष्ठ नागरिक, बच्चे शामिल होते हैं, जिनकी विशेष देखभाल करनी चाहिए।
धमकी की सूचना पर करें प्रोटोकॉल का पालन
भले ही पहली नजर में यह कितना भी बड़ा धोखा क्यों न लगे, हर खतरे को गंभीरता से लिया जाता है। ऐसे में यात्रियों को प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। किसी आम आदमी या यात्री से मिली जानकारी को खतरा माना जाता है, जिसमें कॉल सेंटर, एयरपोर्ट, सोशल मीडिया आदि शामिल हैं। इस स्थिति में यात्रियों को हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है। ऐसे में स्टाफ समेत सभी यात्री को मिलकर कॉल सेंटर से खतरे की जानकारी देनी चाहिए।
जांच के लिए हर स्तर पर सुरक्षा एजेंसियां गठित
खतरे की जानकारी पहुंचाने के लिए एक अलग टीम होती है, जो यह सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा एजेंसियों को अधिक जानकारी मिले और वे उसके अनुसार निपट सकें। इस पर अलग-अलग लेवल पर सुरक्षा एजेसियां गठित की जाती हैं, जो खतरे के साथ-साथ अगले कदम पर भी काम करती हैं। संबंधित एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रतिनिधि पूरी प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी को एक साथ अपडेट किया जाए।