विपक्ष द्वारा जी राम जी बिल को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के बीच अब भारतीय जनता पार्टी ने जवाबी रणनीति तैयार कर ली है. पार्टी का मानना है कि विपक्ष जनता को गुमराह कर यह नैरेटिव फैला रहा है कि जी राम जी योजना से मनरेगा खत्म हो जाएगा और मजदूरों के अधिकार छिन जाएंगे. इसी गलत धारणा को तोड़ने के लिए बीजेपी अब आक्रामक मोड में आ गई है और गांव-गांव तक सच पहुंचाने की तैयारी कर रही है. पार्टी नेतृत्व से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक संगठन को सक्रिय कर विपक्ष के दावों का तथ्यात्मक जवाब देने की योजना बनाई गई है.
बीजेपी ने तय किया है कि संगठन को जिला और ब्लॉक स्तर तक पूरी तरह एक्टिव किया जाएगा. सभी बीजेपी शासित राज्यों में मुख्यमंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री और संगठन के बड़े पदाधिकारी सीधे इस अभियान की कमान संभालेंगे. केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मैदान में उतरेंगे.
पार्टी मनरेगा बनाम जी राम जी की सीधी तुलना कर यह बताने की कोशिश करेगी कि नया कानून मनरेगा का विकल्प नहीं, बल्कि उसका अपग्रेडेड वर्जन है. बीजेपी का दावा है कि जी राम जी में रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 किए गए हैं और अब सिर्फ मजदूरी नहीं, बल्कि टिकाऊ ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस है.आज देर शाम इस मुद्दे पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ,कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और शिवराज सिंह चौहान देश भर में सांसद , विधायक, मंत्री पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे , उनको केंद्रीय लीडरशिप इस कार्यक्रम को लेकर निर्देश देंगे .
बीजेपी की रणनीति चार बिंदुओं पर आधारित होगी, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, आजीविका से जुड़े काम, मौसम की मार से निपटने की तैयारी और जल संचयन. पार्टी गांव-गांव जाकर यह नैरेटिव बनाएगी कि नई योजना से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और मजदूरों को ज्यादा फायदा होगा.
प्रेस कॉन्फ्रेंस, जनसभाओं, किसान-मजदूर सम्मेलनों और डोर-टू-डोर संपर्क के जरिए बीजेपी विपक्ष के दावों को भ्रामक बताएगी. साफ है, बीजेपी की कोशिश आंदोलन से पहले ही नैरेटिव की लड़ाई जीतने की है.










