Bihar Makhana Board All Details: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कई बड़े ऐलान किए हैं। मखाना बोर्ड भी इन्हीं में से एक है। वित्त मंत्री ने बिहार में मखाना बोर्ड बनाने की घोषणा की है। इस बोर्ड से हजारों किसानों को मुनाफा होगा। वित्त मंत्री का कहना है कि मखाना किसानों को सहायता और प्रशिक्षण देने के लिए इस बोर्ड की स्थापना की जाएगी। तो आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से…
वित्त मंत्री ने क्या कहा?
मखाना बोर्ड का नाम सुनकर बिहार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। वहीं मखाना किंग के नाम से मशहूर सत्यजीत सिंह ने भी मखाना बोर्ड पर बात की है। उनका कहना है कि यह बहुत अच्छी पहल है। मैं पिछले 10 साल से बिहार में मखाना बोर्ड के गठन की कोशिश कर रहा था। आखिरकार इसकी घोषणा हो गई है। यह बोर्ड बिहार के मखाना उद्योग को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाने में मददगार होगा।
बिहार समेत 4 राज्यों को होगा फायदा
बता दें कि मखाना बोर्ड से बिहार के 8 जिलों को फायदा होगा। इस लिस्ट में बिहार के दरभंगा, सुपौल, मधुबनी, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज का नाम शामिल है। मखाना बोर्ड से न सिर्फ बिहार बल्कि 3 अन्य राज्यों को भी फायदा होगा। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और असम में भी मखाने की बड़े पैमाने पर खेती होती है। ऐसे में यह बोर्ड 4 राज्यों के किसानों को फायदा पहुंचाएगा।
विदेशों में होता है मखानों का निर्यात
सत्यजीत सिंह के अनुसार पूरे देश में सबसे ज्यादा मखाना बिहार में पैदा होता है। पूरे देश की 85% मखाने की खेती बिहार में की जाती है। बिहार के 8 जिले मखाने की खेती के लिए काफी मशहूर हैं। यहां के मखाने न सिर्फ देश बल्कि विदेशों में भी निर्यात किए जाते हैं। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जापान और इंग्लैंड जैसे देशों में बिहार से मखाने निर्यात होते हैं। आंकड़ों की मानें तो हर साल 2 लाख टन से आसपास मखाने विदेशों में निर्यात किए जाते हैं।
मखाना बोर्ड के 7 फायदे
1. मखाना बोर्ड बनने से न सिर्फ इसके उत्पादन में बढ़ोतरी होगी बल्कि किसानों की आय भी बढ़ने लगेगी।
2. मखाना बोर्ड बनने के बाद मखाने की गुणवत्ता में भी सुधार होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
3. मखाना बोर्ड बनने से मखाने के निर्यात में बढ़ोतरी होगी और इसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
4. मखाना बोर्ड बनने के बाद खासकर युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर बनेंगे।
5. मखाना बोर्ड बनने के बाद किसानों को मखाने का उचित मूल्य मिलेगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
6. अच्छी गुणवत्ता वाले मखाने की खेती से उपभोक्ताओं को भी बेस्ट क्वालिटी के मखाने मिलेंगे।
7. मखाना बोर्ड बनने के बाद बिहार समेत चारों राज्यों में मखाना उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे मखाना इकोनॉमी मजबूत होगी।