महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का ऐलान- 'दही-हांडी' को दी जाएगी आधिकारिक खेल के रूप में मान्यता, मिलेगी सरकारी नौकरी
Edited By Pushpendra Sharma

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मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को घोषणा की कि ‘दही-हांडी’ को अब राज्य में आधिकारिक खेल के रूप में मान्यता दी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि राज्य में “प्रो-दही-हांडी” प्रतियोगिताएं शुरू की जाएंगी। जन्माष्टमी के अवसर पर शिंदे ने कहा, “महाराष्ट्र में खेल श्रेणी के तहत ‘दही-हांडी’ को मान्यता दी जाएगी। ‘प्रो-दही-हांडी’ को पेश किया जाएगा। ‘गोविंदा’ को खेल श्रेणी के तहत नौकरी मिलेगी। सभी ‘गोविंदा’ के लिए 10 लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।”
नौकरियों में आरक्षण
उन्होंने कहा, यदि गोविंदा की मृत्यु हो जाती है तो 10 लाख रुपये का बीमा कवर होगा, जबकि आंशिक रूप से विकलांग होने पर 5 लाख रुपये का बीमा कवर होगा। उन्होंने कहा, “इन गोविंदा को नौकरियों में भी आरक्षण मिलेगा।” उन्होंने कहा कि राज्य के कई शहर ‘दही-हांडी’ मनाते हैं और यह एक साहसिक खेल है। इसलिए इसे राज्य खेल श्रेणी में शामिल करने का निर्णय लिया गया। जन्माष्टमी, भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाने वाला त्योहार अक्सर कई अनुष्ठानों के साथ मनाया जाता है, जिनमें से ‘दही-हांडी’ सबसे प्रमुख में से एक है।
'Dahi-Handi' to be recognized as sport in Maharashtra: CM Shinde
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— ANI Digital (@ani_digital) August 18, 2022
इसे ‘गोपालकला’ के रूप में भी जाना जाता है, ‘दही-हांडी’ एक अनुष्ठान है जिसमें भगवान कृष्ण के भक्त ‘माखन चोरी’ या मक्खन चोरी करके बताते हैं। यह भगवान के बचपन की कहानियों में शामिल है। यह जन्माष्टमी के अगले दिन मनाया जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु के अवतार भगवान कृष्ण का जन्म भाद्र महीने के आठवें दिन हुआ था। जन्माष्टमी का त्यौहार भगवान कृष्ण को सुंदर ढंग से सजाए गए झूलों, नृत्य और संगीत प्रदर्शन और ‘दही-हांडी’ प्रतियोगिता के साथ प्रार्थना करके मनाया जाता है।
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