Kumar Gaurav
Read More
---विज्ञापन---
(कुमार गौरव, नई दिल्ली)
भारत के संविधान निर्माता, समाज सुधारक और भारत रत्न से सम्मानित डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती पर संसद भवन परिसर में आज एक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इस विशेष अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने एकत्र होकर डॉ. अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके विचारों व योगदान को स्मरण किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, केंद्रीय मंत्रीगण और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
यह भी पढ़ें: गुजरात की समुद्री सीमा पर पकड़ा गया 1800 करोड़ का ड्रग्स, जानें कितनी बड़ी थी खेप
“भारतीय संविधान के शिल्पकार, सामाजिक समता के अमर नेता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर कोटिशः नमन करता हूँ। उन्होंने जो रास्ता दिखाया, वही हमारे लोकतंत्र की बुनियाद है।”
श्रद्धांजलि सभा में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने डॉ. अंबेडकर की दूरदर्शिता और उनके द्वारा सामाजिक समानता के लिए किए गए संघर्षों को याद करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार उनके बताए मार्ग पर चलकर वंचित वर्गों के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है।
सभी देशवासियों की ओर से भारत रत्न पूज्य बाबासाहेब को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। यह उन्हीं की प्रेरणा है कि देश आज सामाजिक न्याय के सपने को साकार करने में समर्पित भाव से जुटा हुआ है। उनके सिद्धांत एवं आदर्श आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण को मजबूती और गति देने वाले हैं। pic.twitter.com/Qhshv4uK7M
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2025
इस आयोजन की एक विशेष बात यह रही कि इसमें बौद्ध भिक्षुओं द्वारा मंत्रोच्चार किया गया, जिससे माहौल अध्यात्म और सम्मान से भर गया। देशभर से आए दलित समाज के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भी इस समारोह में भाग लेकर बाबा साहेब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
संसद भवन परिसर में आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम न केवल एक सांकेतिक समारोह था, बल्कि यह बाबा साहेब की विरासत को आगे बढ़ाने का भी संकल्प था। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने संविधान निर्माण के समय थे—चाहे वह समानता की बात हो, शिक्षा का अधिकार, महिलाओं की स्वतंत्रता या सामाजिक न्याय।
डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता नहीं थे, वे सामाजिक चेतना के अग्रदूत थे। उनके विचारों से प्रेरित होकर आज देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को अपनाते हुए एक समावेशी समाज की ओर अग्रसर है।
इस जयंती समारोह के माध्यम से देश ने एक बार फिर यह स्पष्ट संदेश दिया कि बाबा साहेब का सपना – एक समान, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज – आज भी राष्ट्रीय एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
ये भी पढ़ें: मेहुल चोकसी कौन? 13 हजार करोड़ के स्कैम में कैसे फंसा हीरा कारोबारी
न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।