उत्तर भारत में गिरते पारे की वजह से कौन सी बीमारी होगी जानलेवा? AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों ने दी सलाह, ऐसे होगा बचाव

सर्दियों में छोटी-मोटी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें तो होती रहती हैं, लेकिन AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों की चेतावनी है कि कड़ाके की ठंड कुछ बीमारियों को जानलेवा बना सकती है. ऐसे में डॉक्टर बचाव के तरीके बता रहे हैं. पढ़िये दिल्ली से पल्लवी झा की रिपोर्ट.

Winter Diseases

सर्दियों के मौसम में किन बीमारियों का खतरा बढ़ता है, जानें यहां.

Winter Diseases: कड़ाके की ठंड सिर्फ ठिठुरन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह दिल, फेफड़ों और डायबिटीज जैसी दिक्कतों को और बढ़ा सकती है. इसके अलावा किडनी रोगियों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ठंड गंभीर खतरा भी बन सकती है. दिल्ली एम्स के जाने-माने प्रोफेसर डॉ संजीव सिन्हा के मुताबिक AIIMS नई दिल्ली के हृदय, श्वसन, मेडिसिन और बाल रोग विभाग के विशेषज्ञों ने कोल्ड वेव (Cold Wave) के दौरान खुद को सुरक्षित रखने के लिए अहम दिशानिर्देश जारी किए हैं. ऐसे में यहां जानिए किस कड़ाके की ठंड आपके लिए कौन सी दिक्कतों को बढ़ा सकती है और किन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की वजह बन सकती है.

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दिल और ब्लड प्रेशर के मरीज रहें सतर्क

वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार ठंड में नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है.

खतरे के संकेत

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  • अचानक BP का बढ़ जाना
  • सांस फूलना या पैरों में सूजन
  • सीने में दर्द या बेचैनी

कौन सी सावधानियां बरतना जरूरी है

  • रोजाना BP की जांच करें
  • नमक और पैकेट वाले नमकीन से दूरी रखें
  • दवाएं नियमित लें, खुद से बंद न करें
  • पर्याप्त पानी पीते रहें
  • दोपहर में भोजन से पहले हल्की सैर फायदेमंद है

फेफड़ों और सांस के रोगियों के लिए खास सलाह

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ठंडी हवा में सांस की नलियां सिकुड़ जाती हैं जिससे अस्थमा और COPD के मरीजों को ज्यादा दिक्कत हो सकती है.

जोखिम

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  • खांसी और बलगम
  • सांस लेने में परेशानी
  • संक्रमण और निमोनिया का खतरा

बचाव के उपाय

  • बाहर निकलते समय नाक और मुंह ढकें
  • ठंडी हवा से बचें
  • कई परतों वाले गर्म कपड़े पहनें
  • चाय, सूप और गर्म तरल पदार्थ लें
  • खांसी या साइनस की शिकायत बढ़े तो डॉक्टर से मिलें

डायबिटीज और किडनी मरीज ठंड में भी सक्रिय रहें

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विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के कारण दिनचर्या बिगड़नी नहीं चाहिए. ऐसे में करें ये काम –

  • रोज हल्की एक्सरसाइज, योग या वॉक
  • तला-भुना और ज्यादा नमक वाला खाना कम करें
  • ब्लड शुगर और किडनी टेस्ट समय-समय पर कराएं
  • जरूरत पड़ने पर न्यूमोकोकल वैक्सीन (PPS) पर डॉक्टर से सलाह लें

बच्चों की सुरक्षा बेहद जरूरी

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डॉक्टरों के मुताबिक छोटे और कमजोर बच्चों पर ठंड का असर ज्यादा होता है. ऐसे में ध्यान रखें कि आप सिर और कान अच्छी तरह ढकें और ठंडी हवा से सीधे संपर्क से बचाएं.

खतरे के संकेत

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  • सांस लेने में तकलीफ
  • बच्चा असामान्य रूप से सुस्त हो जाए
  • ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

बुजुर्ग और अस्थमा के मरीजों के लिए चेतावनी

  • पहले से सांस या दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को ठंड और प्रदूषण दोनों से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए
  • दवाएं नियमित लेते रहें
  • फॉलो-अप जांच न टालें
  • बाहर निकलते समय पूरी सुरक्षा रखें.

शीत लहर के दौरान संतुलित आहार, पर्याप्त गर्म कपड़े, नियमित दवाइयां और समय पर चिकित्सकीय सलाह ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है. ठंड को कभी हल्के में न लें, खासकर तब जब आप या आपके परिवार में कोई पुरानी बीमारी से ग्रसित हो.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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