Haddi Ke Cancer Ke Lakshan: हड्डियों का कैंसर एक ऐसा कैंसर है जो हड्डियों में एब्नॉर्मल सेल्स की ग्रोथ के कारण होता है. यूट्यूब पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में मैक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के हड्डी रोग ऑन्कोसर्जन डॉ. विवेक वर्मा बताया है कि हड्डियों का कैंसर (Bone Cancer) होने पर शरीर में कौन-कौन से लक्षण नजर आते हैं. इन लक्षणों की समय रहते पहचान की जाए तो शुरुआती स्टेज में ही हड्डी के कैंसर का पता लगाकर इलाज किया जा सकता है. यहां जानिए डॉक्टर ने हड्डी के कैंसर के कौन से वॉर्निंग साइन बताए हैं जिन्हें आपको साधाराण समझकर इग्नोर करने की भूल नहीं करनी चाहिए.
हड्डी के कैंसर के 7 वॉर्निंग साइन | 7 Warning Signs Of Bone Cancer
डॉ. विवेक वर्मा ने बताया कि जब भी किसी कोशिका का आकार बढ़ता है तो उसे ट्यूमर (Tumor) कहा जा सकता है. इसे सारकोमा भी कहते हैं ट्यूमर 2 तरह का होता है, बिनाइग्न ट्यूमर और मेलिग्नेंट ट्यूमर. हड्डियों के कैंसर में बिनाइग्न ट्यूमर अपनी जगह पर ही बढ़ते हैं और हड्डियों को खोखला करते हैं. मैलिग्नेंट ट्यूमर या हड्डी का यह कैंसर तेजी से फैलता है और शरीर के अन्य अंगों में भी हो सकता है.
पहला लक्षण – शरीर में कहीं पर भी हड्डी पर सूजन हो जाना या मांस में गांठ बनना. अगर कोई गांठ बढ़ रही है तो तुरंत एक्शन लेना जरूरी होता है.
दूसरा लक्षण – हड्डियों में दर्द होना हड्डी के कैंसर का लक्षण (Bone Cancer Symptom) हो सकता है. बच्चों और बड़ों में नॉर्मली हड्डी में दर्द हो सकता है, लेकिन कैंसर का दर्द लगातार बना रहता है. कैंसर के दर्द में आप जब दवा खाते हैं तब दर्द से राहत मिलती है और जब दवा खाना बंद कर दिया जाता है तो एकबार फिर हड्डी में दर्द होने लगता है. अगर सोते-जागते या आराम करते हुए भी हड्डियों में दर्द है तो इसे कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए और टेस्ट करवाकर परेशानी की जड़ तक जाना जरूरी है.
तीसरा लक्षण – हड्डी का टूटना यानी पैथोलॉजिकल फ्रैक्चर हड्डियों के कैंसर का तीसरा लक्षण है. अगर एक्सीडेंट होने पर हड्डी टूटे तो समझ आता है, लेकिन अगर खेलते-कूदते या कोई आम काम करते हुए हड्डी टूट रही है तो यह हड्डी के कैंसर का एक बहुत बड़ा लक्षण हो सकता है.
चौथा लक्षण – आम जानकारी के आधार पर हड्डियों के कैंसर का एक लक्षण यह भी है कि हड्डियों में अकड़न बढ़ जाती है. मोबिलिटी और मोशन कम होने लगता है.
पांचवा लक्षण – बिना वजह ही शरीर का वजन कम हो सकता है. हर समय थका हुआ महसूस होता है सो अलग.
छठा लक्षण – बुखार आ सकता है और ठंडे पसीने आते हैं. एविंग्स सारकोमा में खासतौर से ऐसा होता है. अगर हड्डी के दर्द के साथ ऐसा हो रहा है तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए.
सातवां लक्षण – अगर हड्डी का कैंसर हो गया है तो शरीर का ट्यूमर वाला भाग सुन्न पड़ सकता है या फिर उसमें झनझनाहट महसूस हो सकती है. खासतौर से इस हिस्से पर हाथ लगाने पर ऐसा होता है.
हड्डियों के कैंसर का कैसे पता चलता है
हड्डी का कैंसर होने पर व्यक्ति अगर एक्सरे करवाता है तो उससे डॉक्टर कैंसर का पता लगा सकते हैं. इसके अलावा MRI, PET Scan और बोन स्कैन से हड्डियों के कैंसर का पता लगाया जा सकता है. बायोप्सी से कैंसर के टाइप का पता चलता है. ब्लड टेस्ट भी किया जा सकता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.