Oral Cancer Symptoms: मुंह का कैंसर एक गंभीर बीमारी है जिसका समय रहते पता ना लगाया जाए तो बीमारी बढ़ती जाती है. इसी बारे में बताते हुए AIIMS के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल से वीडियो शेयर किया गया है. एम्स, नई दिल्ली की पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट डॉ. भारती पुरोहित बताती हैं कि मुंह के कैंसर में होंठ, जीभ, गाल और गले का कैंसर शामिल है. भारत में हर साल हजारों लोग ओरल कैंसर के कारण अपनी जान गंवा देते हैं. ऐसे में इस कैंसर की समय रहते पहचान करने पर कैंसर से बचने की संभावना बढ़ जाती है. लोगों को अक्सर लगता है कि सिर्फ बीढ़ी या सिगरेट पीने वालों को ही मुंह का कैंसर (Muh Ka Cancer) होता है, लेकिन कुछ और भी कारण हैं जो मुंह के कैंसर की वजह बन सकते हैं.
मुंह का कैंसर क्या है
मुंह का कैंसर मुंह में होने वाला एक प्रकार का घाव या छाला है जो काफी समय तक ठीक नहीं होता है. इसके अलावा असामान्य वृद्धि गांठ का रूप ले सकती है और शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल सकती है.
मुंह के कैंसर के लक्षण कैसे दिखते हैं
ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षण पहचान लिए जाएं तो इससे जिंदगी बचाई जा सकती है लेकिन इसके लक्षण आमतौर पर बाद की स्टेज में ही नजर आते हैं. अगर मुंह मे कोई घाव या छाला 2 हफ्तों से ज्यादा बना हुआ है, लाल या सफेद धब्बे दिखते हैं, मुंह खोलने या निगलने में दिक्कत होती है, गाल या गर्दन में गांठ या सूजन हो गई है, आवाज में अचानक बदलाव या भारीपन महसूस होता है या इस तरह के ही लक्षण दिखते हैं तो डॉक्टर से जांच कराने में देरी ना करें.
मुंह का कैंसर होने के क्या कारण हैं
- तंबाकू का किसी भी तरह से सेवन करने पर मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ता है. सिगरेट, बीढ़ी, वेपिंग या चबाने वाला तंबाकू, सभी कैंसर का कारण बन सकते हैं. डॉक्टर बताती हैं कि 90 प्रतिशत से अधिक मुंह के कैंसर के मामले तंबाकू के सेवन से जुड़े होते हैं.
- दूसरा बढ़ा जोखिम है शराब का अत्यधिक मात्रा में सेवन करना. तंबाकू के साथ शराब भी ओरल कैंसर का खतरा बढ़ा देती है.
- ह्यूमन पैपिलोमावायरस यानी HPV, खासकर स्ट्रेन 16 आजकल युवाओं में गले और टॉन्सिल्स के कैंसर का बड़ा रिस्क फैक्टर है.
- ओरल हाइजीन की कमी और खाने में पौष्टिक आहार की कमी ओरल कैंसर के प्रति संवेदनशील बना सकता है.
- जो लोग लंबे समय तक धूप में बाहर काम करते हैं उनमें लिप कैंसर (Lip Cancer) का खतरा बढ़ सकता है.
मुंह के कैंसर से कैसे बचें
तंबाकू से बचना – ओरल कैंसर के खतरे को कम करने के लिए जीवनशैली में बदलाव किए जा सकते हैं. तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन बंद करना, सेकंडहैंड स्मोक से बचना और थर्डहैंड स्मोक यानी जहां तंबाकू की धूल या धुआं जमा हुआ हो जैसे कपड़े या फर्नीचर से बचना. इसके अलवा, शराब का सेवन कम करना भी जरूरी है.
HPV वैक्सीन- एचपीवी वैक्सीन एक प्रभावी उपाय है उन वायरस स्ट्रेन से बचने का जो ओरल या अन्य कैंसर का कारण बनते हैं. यह मुख्यरूप से युवाओं के लिए उपलब्ध है लेकिन वयस्कों को भी इससे लाभ मिल सकता है.
हाइजीन – मौखिक स्वास्थ्य यानी ओरल हेल्थ का ध्यान रखना जरूरी है. इसके लिए दिन में 2 बार ब्रश करें और नियमित रूप से डेंटिस्ट से जांच करवाएं.
पोषक तत्वों से भरपूर खाना – पोषक तत्वों से भरपूर बैलेंस्ड डाइट लेने पर भी कैंसर का खतरा कम होता है. पौष्टिक आहार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है.
धूप से बचना – सूरज की हानिकारक किरणों से स्किन और होंठों को बचाएं और इसके लिए SPF वाली सनस्क्रीन और लिप बाम का इस्तेमाल करें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.