हाथ सुन्न हो जाना या हाथों में झुनझुनी महसूस होना किस बीमारी का लक्षण है? रात में गंभीर हो जाती है यह दिक्कत

Hath Sunn Hone Ke Karan: नेशनल हेल्थ सर्विस, यूके से जानिए अक्सर ही हाथ सुन्न होने की क्या वजह हो सकती है. बार-बार हाथ सुन्न होना और खासकर रात के समय हाथ सुन्न होना इस गंभीर समस्या का लक्षण हो सकता है.

Numb Hands Reason

ऐसा कौन सा रोग है जो सुन्न हाथों से शुरू होता है? Image Credits - AI

Numb Hands Reason: कार्पल टनल सिंड्रोम हाथों की नसों पर प्रेशर पड़ने पर होता है. इस सिंड्रोम में हाथों पर झनझनाहट महसूस होती है, हाथ सुन्न पड़ जाते हैं या हाथों में दर्द रहने लगता है. नेशनल हेल्थ सर्विस, यूके के अनुसार, कार्पल टनल सिंड्रोम (Carpal Tunnel Syndrome) होने पर हाथ, उंगलियों या बांह में दर्द महसूस हो सकता है. हाथ सुन्न पड़ सकते हैं, ऐसा महसूस हो सकता है कि हाथों पर कोई सूंई चुभो रहा है, अंगुठा कमजोर पड़ने लगता है या कुछ भी पकड़ने में दिक्कत आने लगती है. ये लक्षण (Nerve Damage Symptoms) कभी धीमे तो कभी आते-जाते हो सकते हैं और खासकर रात के समय गंभीर होने लगते हैं.

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कार्पल टनल सिंड्रोम का क्या इलाज है

कई बार कार्पल टनल सिंड्रोम खुद ही ठीक हो जाता है, खासकर जब महिला प्रेग्नेंट हो. इसके अलावा डॉक्टर इलाज के ये तरीके बता सकते हैं –

रिस्ट स्प्लिंट – रिस्ट स्प्लिंट एक तरह का बैंड है जिसे कलाई पर बांधा जाता है. इससे नर्व्स पर पड़ने वाला प्रेशर कम होता है. इसे रात में सोते समय पहना जाता है. इसे 6 हफ्तों तक पहनने की सलाह दी जा सकती है.

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कारण से बचाव – जिन कारणों से कलाई मुड़ती है उन कारणों से बचाव की कोशिश की जाती है, जैसे वाइब्रेटिंग टूल्स का या किसी इंस्ट्रुमेंट का इस्तेमाल ना करना.

दर्द की दवा – कार्पल टनल सिंड्रोम में पेनकिलर्स दी जा सकती है. इन पेन किलर्स से दर्द कम होता है.

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हाथों की एक्सरसाइज – हाथों की एक्सरसाइज से कार्पल टनल सिंड्रोम से राहत मिलती है.

गंभीर मामलों में कैसे होता है इलाज

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कार्पल टनल सिंड्रोम के गंभीर मामलों में इलाज के लिए सर्जरी की जा सकती है. अगर सिंड्रोम गंभीर हो गया है और आम दवाओं या ट्रीटमेंट का असल नहीं हो रहा है तो सर्जरी की जा सकती है.

किन कारणों से होता है कार्पल टनल सिंड्रोम

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कार्पल टनल सिंड्रोम का मुख्य कारण (Carpal Tunnel Syndrome Causes) नसों का दबना या नसों पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ना है, यह इन स्थितियों में हो सकता है –

  • वजन ज्यादा होने पर
  • प्रेग्नेंसी में
  • ऐसे काम या हॉबी जिसमें कलाई बार-बार मुड़ती है
  • वाइब्रेटिंग टूल्स का इस्तेमाल करना
  • आर्थराइटिस या डायबिटीज जैसी कोई कंडीशन होना
  • माता-पिता, भाई या बहन को कार्पल टनल सिंड्रोम होना
  • पहले कभी कलाई पर अगर चोट लगी हो.

हाथ सुन्न पड़ने के और क्या कारण हो सकते हैं

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कार्पल टनल सिंड्रोम के अलावा पेरिफेरल न्यूरोपेथी के कारण हाथ सुन्न होने की दिक्कत हो सकती है. डायबिटीज जैसी दिक्कत में ऐसा है. जो लोग जरूरत से ज्यादा शराब पीते हैं उन्हें यह दिक्कत हो सकती है. विटामिन बी12 , विटामिन बी6 या पौटेशियम और मैग्नीशियम की कमी के कारण हाथ सुन्न होने की दिक्कत हो सकती है. कुछ इंफेक्शंस या नर्व इंफ्लेमेशन के कारण भी ऐसा होता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Source- NHS

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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