मोटापा कम करने के लिए लेते हैं दवा तो हो जाएं सावधान, एक्सपर्ट्स ने बताया शरीर को खोखला कर देगी यह गलती

GLP-1 Drugs For Weight Loss: वजन कम करने के लिए लोग GLP-1 इंजेक्शन लेने लगे हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं इस दवा का क्या साइड इफेक्ट हो सकता है? यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जिनिया के रिसर्चर्स ने बताया वेट लॉस ड्रग्स का शरीर पर क्या असर होता है.

Weight Loss Drugs

वेट लॉस ड्रग्स लेने पर क्या होता है?

GLP-1 Weight Loss: मोटापा कम हो तो व्यक्ति को लगता है उसका लुक खराब हो रहा है और ज्यादा हो तो सेहत से जुड़ी अनेक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में लोग वजन घटाने की जद्दोजहद में लगे रहते हैं. लेकिन, भागदौड़ भरी जिंदगी में जिम, योगा या डाइट करना मुश्किल लगने लगता है है और लोग शॉर्ट कट ढूंढने लगते हैं. ऐसा ही एक शॉर्ट कट है मोटापा घटाने के लिए दवाओं या इंजेक्शन (Weight Loss Injection) का सहारा लेना. ओजेम्पिक, मौनजारो और दूसरे GLP-1 ड्रग्स की डिमांड लोगों के बीच लगातार बढ़ती जा रही है. लेकिन, ये इंजेक्शन आपको पतला तो करते हैं मगर शरीर को अंदर से खोखला करने लगते हैं. यहां जानिए इसपर रिसर्च क्या कहती है.

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शरीर को खोखला कर देगी वजन घटाने की यह गलती

यूनिवर्सिटी वर्जीनिया (UVA) के रिसर्चर्स ने यह चेतावनी दी है कि वजन घटाने वाली दवाएं आपका वजन ही नहीं घटातीं बल्कि इनसे मसल लॉस भी होता है. ये दवाएं मोटापे के साथ ही 15 से 40 प्रतिशत तक फैट फ्री मास यानी मसल्स, हड्डी और लीन टिश्यूज को भी कम करता है. यह सामान्य से दुगुना या तीनगुना ज्यादा मसल लॉस है. रिसर्चर्स का मानना है कि इतनी तेजी से मसल लॉस होने पर आगे चलकर मेटाबॉलिक हेल्थ खराब हो सकती है, उम्र पर असर पड़ सकता है, कमजोरी हो सकती है, मसल्स कम होने से रीढ़ और पोस्चर पर भी असर पड़ सकता है और व्यक्ति का बैलेंस बिगड़ने की नौबत आ सकती है.

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अगर दवा लेते हैं तो क्या करें

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अगर आप वजन घटाने का कोई इंजेक्शन या दवा लेते हैं तो इस बात का खास ख्याल रखें कि आपका लाइफस्टाइल और आपकी डाइट भी सही हो. नियमित एक्सरसाइज, प्रोटीन का सेवन और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मसल लॉस के खतरे को कम करते हैं. खानपान में खासतौर से प्रोटीन और अधिक फाइबर वाले फूड्स को शामिल करना जरूरी है.

दवा बंद करने पर बढ़ सकता है वजन

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वजन घटाने के लिए जब दवाएं ली जाती हैं तो इन दवाओं को बंद करने पर वजन फिर से बढ़ने की संभावना भी ज्यादा होती है. मसल लॉस होने पर बेसल मेटाबॉलिक रेट कम हो जाता है. अगर GLP-1 दवा बंद कर दी जाए तो शरीर कैलोरी कम बर्न करता है जिससे तेजी से वजन बढ़ने लगता है. रिबाउंड वजन पहले से ज्यादा फैट के रूप में जमा होने लगता है बजाय मसल्स के रूप में जमा होने के. इससे बॉडी की कंपोजिशन बिगड़ जाती है और अगली बार वजन घटाना मुश्किल हो जाता है.

वजन घटाने के लिए क्या करें

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GLP-1 इंजेक्शन लेने पर व्यक्ति को कुपोषण और मसल लॉस होने का खतरा बढ़ जाता है. वहीं, दवा रोकने पर वजन कई गुना ज्यादा बढ़ सकता है. ऐसे में इन दवाओं के बजाय डाइट सुधारकर, एक्सरसाइज करके या अच्छी लाइफस्टाइल की आदतें अपनाकर वजन कम करने की कोशिश करनी चाहिए.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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