मुख्य जानकारी:
- गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में 90.91 करोड़ की लागत से 5.8 किलोमीटर लंबा आउटर रिंग रोड बनेगा.
- नए 45 मीटर चौड़े मार्ग के निर्माण के लिए जीडीए ने आधिकारिक रूप से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है.
- इस बाईपास के बनने से राजनगर एक्सटेंशन की 60 सोसाइटियों की 2 लाख आबादी को जाम से मुक्ति मिलेगी.
- नया आउटर रिंग रोड सिटी फॉरेस्ट के पास से शुरू होकर सीधे एनपीआर (NPR) रोड से जाकर कनेक्ट होगा.
- गाजियाबाद एलिवेटेड रोड का नाम ‘रामसेतु’ रखा गया है और एनएच-9 पर भव्य प्रवेश द्वार का काम शुरू हो गया है.
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र को भयंकर ट्रैफिक जाम से पूरी तरह मुक्त करने के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया है. जीडीए अगले महीने से राजनगर एक्सटेंशन में 45 मीटर चौड़े और 5.8 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड का निर्माण कार्य शुरू करने जा रहा है. लगभग 90.91 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस शानदार रिंग रोड के लिए टेंडर की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस नए प्रोजेक्ट के पूरा होने से स्थानीय हरनंदीपुरम, एयरोसिटी और क्रिकेट स्टेडियम सहित 60 से अधिक रिहायशी सोसाइटियों में रहने वाली 2 लाख से अधिक आबादी को सीधा लाभ पहुंचेगा.
आउटर रिंग रोड की लंबाई और चौड़ाई कितनी है?
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक राजनगर एक्सटेंशन में बनने वाला यह नया आउटर रिंग रोड बेहद भव्य और आधुनिक होगा. इस नए बाईपास मार्ग की कुल लंबाई लगभग 5.8 किलोमीटर निर्धारित की गई है, जबकि इसकी कुल चौड़ाई 45 मीटर होगी. इस चौड़े कॉरिडोर के बन जाने से क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही बहुत सुगम हो जाएगी. इस रोड प्रोजेक्ट के तहत केवल मुख्य मार्ग का निर्माण ही नहीं होगा, बल्कि वाहन चालकों की सुविधा के लिए दोनों तरफ बेहतरीन सर्विस रोड भी विकसित की जाएगी.
आउटर रिंग रोड के निर्माण पर कुल कितना बजट खर्च होगा?
राजनगर एक्सटेंशन की इस पूरी बुनियादी ढांचा परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए जीडीए ने एक बड़ा बजट आवंटित किया है. इस आउटर रिंग रोड के मुख्य सिविल निर्माण कार्य पर लगभग 90.91 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी. इसके अलावा सड़क पर जल निकासी के लिए सीवर सिस्टम और बीच में एक सुंदर डिवाइडर भी बनाया जाएगा. रात के समय मुसाफिरों की सुरक्षा और रोशनी की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जीडीए यहाँ 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट खर्च करके आधुनिक स्ट्रीट लाइटें भी लगाएगा.
ट्रैफिक जाम का सबसे बड़ा कारण क्या है?
वर्तमान समय में राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में 60 से अधिक बहुमंजिला सोसाइटियां हैं, जिनमें 2 लाख से ज्यादा लोग निवास करते हैं. वर्तमान में यहाँ केवल एक ही मुख्य मार्ग उपलब्ध है, जो जीटी रोड से होते हुए एलिवेटेड रोड के जरिए दिल्ली-मेरठ रोड को आपस में जोड़ता है. इस इकलौते रास्ते पर गाजियाबाद, मुरादनगर और मोदीनगर से आने-जाने वाले वाहनों का भारी दबाव रहता है. इसके अलावा हिंडन एयरफोर्स और एलिवेटेड रोड से होकर दिल्ली-नोएडा जाने वाली गाड़ियां भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करती हैं, जिससे सुबह और शाम को भयंकर जाम लग जाता है.
हरनंदीपुरम और नए क्रिकेट स्टेडियम को सीधा लाभ
जीडीए के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि यह नया आउटर रिंग रोड राजनगर एक्सटेंशन की कई बड़ी आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के बीच से होकर गुजरेगा. यह मार्ग विशेष रूप से हरनंदीपुरम और एयरोसिटी टाउनशिप के साथ-साथ गाजियाबाद के नए क्रिकेट स्टेडियम को भी आपस में सीधे तौर पर कनेक्ट करेगा. इन सभी महत्वपूर्ण स्थलों के पास से गुजरता हुआ यह रोड सीधे एनपीआर (नार्दर्न पेरिफेरल रोड) में जाकर मिल जाएगा. इसके बाद दिल्ली से मुरादनगर और मोदीनगर की तरफ जाने वाले वाहन चालक इस वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर बिना जाम में फंसे आसानी से निकल सकेंगे.
गाजियाबाद एलिवेटेड रोड का नया नाम क्या रखा गया?
सड़क बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ गाजियाबाद नगर निगम ने भी एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. गाजियाबाद की प्रसिद्ध एलिवेटेड रोड का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर ‘रामसेतु’ कर दिया गया है. नगर निगम ने एनएच-9 (नेशनल हाईवे 9) के पास जहां से यह एलिवेटेड रोड शुरू होती है, वहां एक बेहद भव्य ‘रामसेतु द्वार’ बनाने का काम शुरू करा दिया है. नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी ने बताया कि इस प्रवेश द्वार का बुनियादी ढांचा खड़ा हो चुका है और अगले दो से तीन महीनों के भीतर इस आकर्षक द्वार का निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न कर लिया जाएगा.
राजनगर एक्सटेंशन आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट 2026:
| प्रोजेक्ट के मुख्य पहलू | आधिकारिक आंकड़े और विवरण |
| निर्माण करने वाला मुख्य संगठन | गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) |
| रोड की कुल लंबाई और चौड़ाई | 5.8 किलोमीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा |
| सिविल निर्माण की कुल लागत | लगभग 90.91 करोड़ रुपये |
| लाइटिंग व्यवस्था पर अतिरिक्त खर्च | लगभग 15 करोड़ रुपये |
| सीधा लाभ पाने वाली मुख्य टाउनशिप | हरनंदीपुरम, एयरोसिटी और क्रिकेट स्टेडियम क्षेत्र |
निष्कर्ष:
राजनगर एक्सटेंशन में 5.8 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड का निर्माण और एलिवेटेड रोड को रामसेतु का नया स्वरूप देना गाजियाबाद के शहरी विकास में एक बड़ा बदलाव है. टेंडर प्रक्रिया तेज होने से स्थानीय निवासियों को जल्द ही दैनिक ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र में प्रॉपर्टी के दामों के साथ-साथ बेहतर लाइफस्टाइल को भी काफी बढ़ावा मिलेगा.
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