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'रामचरितमानस का अपमान, लोकतंत्र का चीरहरण', पार्टी विरोधी नोटिस पर बीजेपी MLA ने दिया ये जवाब

गाजियाबाद के लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने बीजेपी के कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया। उन्होंने रामकथा यात्रा पर लाठीचार्ज, पुलिस की बर्बरता और हत्या की साजिश के आरोप लगाए। जानें उन्होंने अपने जवाब में क्या क्या लिखा है।

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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की लोनी सीट से विधायक नंदकिशोर गुर्जर को भारतीय जनता पार्टी की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब उन्होंने दे दिया है। अपने जवाब में नंदकिशोर गुर्जर ने कई अहम बातों का उल्लेख किया है। पार्टी से मिले कारण बताओ नोटिस के जवाब में नंदकिशोर गुर्जर ने लिखा कि मैं 1989 से संघ का स्वयंसेवक हूं। मैं छात्रसंघ अध्यक्ष, युवा मोर्चा की राष्ट्रीय टीम, किसान मोर्चा की राष्ट्रीय टीम, क्षेत्रीय समिति का सदस्य, गाजियाबाद का जिला अध्यक्ष और बागपत जिले का प्रभारी रहा हूं।

उन्होंने आगे लिखा कि इस दौरान मैंने दिन-रात पार्टी के लिए परिश्रम किया है। मेरा प्रत्येक वक्तव्य और कृत्य राष्ट्रधर्म, गौ रक्षा, हिंदुत्व और सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना के प्रति समर्पित रहा है। मैं भाजपा का अनुशासित एवं समर्पित कार्यकर्ता हूं, भाजपा मेरे लिए प्राणों के समान है।

रामकथा यात्रा और लाठीचार्ज का जिक्र

विधायक ने बताया कि वर्ष 2010 से (बसपा शासनकाल से) रामकथा का आयोजन हो रहा है, जिसे पूज्य अतुल कृष्ण भारद्वाज जी (संघ के पूर्व प्रचारक एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता) द्वारा किया जाता है। वे तीन दशकों से राम-नाम के द्वारा हिंदू समाज को जागरूक कर रहे हैं। इसी परंपरा के अंतर्गत 20 मार्च 2025 को रामकथा की कलश यात्रा प्रारंभ हुई। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान मेरे सिर पर हिंदुओं के सबसे पवित्र ग्रंथ श्रीरामचरितमानस था, इसके बावजूद पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए लाठीचार्ज किया।

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इस दौरान महिलाओं के वस्त्र फट गए, कलश टूट गए और मेरे साथ ऐसी अभद्रता हुई कि मेरे कपड़े भी फट गए और मैं जमीन पर गिर पड़ा। इस लाठीचार्ज में दर्जनों भाई-बहनों को चोट आई, लेकिन मैंने अपनी जान की परवाह किए बिना नशे में धुत पुलिस अधिकारी द्वारा श्रीरामचरितमानस को छीनकर फाड़ने की कोशिश को विफल कर दिया।

पिछली सरकार में नहीं पड़ी अनुमति लेने की आवश्यकता

उन्होंने आगे लिखा कि बसपा, सपा और भाजपा की पिछली सरकारों में कभी भी कलश यात्रा की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी थी।  नंदकिशोर गुर्जर ने अपने पत्र में हत्या की साजिश का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि लखनऊ के एक आईपीएस अधिकारी ने उन्हें जानकारी दी थी कि पुलिस कलश यात्रा को रोकने के लिए अनुमति न होने का बहाना बनाएगी और लाठीचार्ज करेगी। यदि स्थिति बिगड़ी तो गोली मारकर उनकी हत्या कर दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा षड्यंत्र एक बड़े अधिकारी द्वारा रचा गया था।

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उन्होंने दावा किया कि आईपीएस अधिकारी ने उन्हें बताया था कि वे गौ रक्षा, गरीबों की सहायता और पुलिस के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हैं, इसलिए भ्रष्ट अधिकारी उनसे नाराज हैं। लेकिन भगवान श्रीराम और लोनी की जनता के लिए मुझे अपने प्राणों की आहुति भी देनी पड़ी, तो वह भी कम है।

‘पुलिस ने ब्राह्मणों, कथा वाचकों, हिंदुओं को दीं गालियां’

नंदकिशोर गुर्जर ने भाजपा अध्यक्ष से अपने पत्र में अपील की कि वे रामकथा में बाधा डालने वाले प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई करें। उन्होंने लिखा कि माननीय अध्यक्ष जी, रामायण स्वयं भगवान श्रीराम एवं माता जानकी हैं, जिन्हें मेरे इष्ट देवाधिदेव महादेव ने स्वयं सुनाया है। मैं पूछना चाहता हूं कि यदि यही कृत्य किसी अन्य धर्म के ग्रंथ के साथ किया जाता तो क्या होता? पुलिस ने उनके साथ भी अभद्रता की और ब्राह्मणों, कथा वाचकों, हिंदुओं और मेरी जाति को अपमानजनक गालियां दीं।

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‘रामचरितमानस का अपमान और लोकतंत्र का चीरहरण’

अंत में उन्होंने लिखा कि  संगठन परिवार के मुखिया होने के नाते, मेरा आपसे अनुरोध है कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने विश्वामित्र जी के यज्ञ की रक्षा के लिए असुरों का संहार किया था, उसी प्रकार आप हमारे रामकथा के पावन यज्ञ में विघ्न डालने वाले इन आसुरी प्रवृत्ति के अधिकारियों पर शासन से दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करें। मैं रामचरितमानस के अपमान से इतना आहत हूं कि जल तक ग्रहण नहीं कर रहा और नंगे पैर, फटे हुए कुर्ते में लोकतंत्र के इस चीरहरण का साक्षी हूं। मेरा कुर्ता फटना लोकतंत्र का चीरहरण है एवं एक-एक हिंदू का कुर्ता फटा है।

उन्होंने यह भी लिखा कि फिर भी यदि योगी जी की सरकार में श्रीराम कथा कराना अपराध और अनुशासनहीनता है तो कृपया मुझे निर्देश दें कि मैं भविष्य में श्रीराम कथा न कराने पर विचार करूं।

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लेखक के बारे में

Avinash Tiwari

अविनाश तिवारी News24 डिजिटल में बतौर सब एडिटर जुड़े हैं। पिछले 4 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। अविनाश रियल टाइम न्यूज और सोशल मीडिया पर चल रहे मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं। इन्हें वे तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। News24 से पहले जनसत्ता (Indian Express Group) के साथ काम कर रहे थे। इससे पहले कंटेंट राइटर के तौर पर अन्य संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। अविनाश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले हैं। उन्हें अपने गांव में समय व्यतीत करना पसंद है। अविनाश से संपर्क करने के लिए avinash.tiwari@bagconvergence.in मेल करें।
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