Sridevi and Rajinikanth Movies: श्रीदेवी सिर्फ खूबसूरती में ही आगे नहीं बल्कि भारत की पहली सुपरस्टार भी बनी. उस समय उनके साथ कई बड़े एक्टर्स काम करने के लिए तरसते थे. इस कमाल की एक्ट्रेस ने महज 4 वर्ष की उम्र से ही अभिनय शुरू कर दिया था. लेकिन उनके करियर में एक ऐसा मोड़ आया जिसने सबको हैरान कर दिया. क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि जिस उम्र में बच्चे स्कूल और खेल-कूद में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में श्रीदेवी ने पर्दे पर ‘सौतेली मां’ का गंभीर किरदार निभाया था?
जब रजनीकांत की मां बनीं श्रीदेवी
यह बात साल 1976 की है, जब तमिल फिल्म ‘मूंदरू मुदिचू’ (Moondru Mudichu) रिलीज हुई थी. इस फिल्म के समय श्रीदेवी की उम्र मात्र 13 साल थी. इस फिल्म में उनके साथ दक्षिण भारतीय सिनेमा के दो दिग्गज कलाकार, रजनीकांत और कमल हासन मुख्य भूमिकाओं में थे. श्रीदेवी ने रजनीकांत की सौतेली मां का रोल निभाया था.
क्या थी रजनीकांत की उम्र?
उस समय रजनीकांत की उम्र लगभग 25-26 साल थी. एक 13 साल की बच्ची का अपने से दोगुनी उम्र के अभिनेता की मां का किरदार निभाना वाकई चुनौतीपूर्ण था, लेकिन श्रीदेवी ने अपनी परिपक्व अदाकारी से सभी का दिल जीत लिया. यही फिल्म उनके करियर का वो टर्निंग प्वाइंट बनी, जिसने उन्हें भारत की पहली महिला सुपरस्टार बनाया.
‘मूंदरू मुदिचू’ की सफलता
‘मूंदरू मुदिचू’ फिल्म का निर्देशन मशहूर डायरेक्टर के. बालचंदर ने किया था. फिल्म में श्रीदेवी के किरदार का नाम ‘चिलम्मा’ था. उन्होंने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया जो अपने अपमान का बदला लेने के लिए उस व्यक्ति के पिता से शादी कर लेती है जो उसे परेशान करता था. इस फिल्म की सफलता ने यह साबित कर दिया कि श्रीदेवी केवल एक ‘चाइल्ड आर्टिस्ट’ नहीं हैं, बल्कि उनमें एक मंझी हुई अभिनेत्री बनने की पूरी क्षमता है.