Anuradha paudwal life struggle: 70 के दशक में भारत रत्न गायिका लता मंगेशकर से तुलना का अधिकार हासिल कर चुकीं गायिका अनुराधा पौंडवाल बॉलीवुड छोड़ने के बाद भी किसी पहचान की मोहताज नहीं। वह तीन साल पहले भाजपा में शामिल होना चाहती थीं, वह बकायदा 2021 में भाजपा के आफिस भी गईं। पद्म पुरस्कार से सम्मानित पौडवाल ने उस वक्त केदारनाथ में कुछ सामाजिक कार्य करने की इच्छा व्यक्त की थी। मगर उस समय बात बन नहीं पाई।
अब एक तरफ जहां देश में लोकसभा चुनाव और कुछ राज्यों में राज्यसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा हुई। वहीं दूसरी तरफ फेमस सिंगर अनुराधा पौडवाल बीजेपी दफ्तर पहुंचकर पार्टी में शामिल हुईं। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी अनुराधा को बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। ऐसा भी हो सकता है कि वो पार्टी की स्टार प्रचारक बनकर प्रचार करें। बीजेपी में शामिल होते ही अनुराधा ने कहा कि उन्हें खुशी हो रही है कि वो उस पार्टी से जुड़ी हैं, जिनका सनातन से गहरा नाता रहा है।अनुराधा लोगों के बीच अपने भजनों को लेकर काफी पॉपुलर रही हैं। उनके भजन आज भी घर-घर में बजाए जाते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि प्रोफेशनल लाइफ में हर वक्त बुलंदियों को छूने वाली अनुराधा की पर्सनल लाइफ की कहानी उतनी ही दुख भरी रही है।
देने लगी थीं आशा भोसले को टक्कर
मनमोहक मुस्कान के लिए जानी जाने वाली अनुराधा पौडवाल ने एक समय में अपनी गायकी के बल पर इस कदर पहचान बना ली थी कि वो उस समय की फेमस सिंगर लता मंगेशकर और आशा भोसले को टक्कर देने लगी थी। उनके ‘क्या करते थे साजना’ ‘दिल है कि मानता’ ‘मेनु इश्क दा लगया रोग’, ‘कोयल सी तेरी बोल’ जैसे गाने बहुत फेमस हुए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमिताभ की फिल्म अभिमान से की थी। अनुराधा का जीवन बहुत अच्छा चल रहा था, मगर उनके पर्सनल लाइफ में कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी।
पति की मौत ने के बाद अकेली हो गईं अनुराधा
अनुराधा ने 1969 में म्यूजिक कंपोजर अरुण पौडवाल से शादी की। कपल के दो बच्चे थे आदित्य और कविता, लेकिन अनुराधा पर उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब एक हादसे में उनके पति अरुण पौडवाल की मौत हो गई और वो उन्हें अकेला छोड़ गए। अनुराधा का घर बिखर गया। बच्चों और घर की जिम्मेदारी अनुराधा के कंधों पर आ गई।
फिल्मी गानों को छोड़कर क्यों किया भजन गाने का फैसला
पति अरुण की मौत के बाद अनुराधा की जिंदगी जैसे-तैसे पटरी पर आई। इस दौरान गुलशन कुमार और अनुराधा ने मिलकर बॉलीवुड में कई हिट नंबर दिए। दोनों की दोस्ती जग जाहिर थी, लेकिन किस्मत ने पलटी मारी और गुलशन कुमार की हत्या हो गई। अनुराधा से उनके दोस्त का भी साथ छिन गया। करियर के पीक पर होने के बावजूद अनुराधा ने ऐलान कर दिया कि अब उन्होंने फिल्मी गानों से दूरी बना ली है और केवल भजन ही गाएंगी। हाल ही में कपिल शर्मा के शो में अनुराधा ने कहा था कि इंडस्ट्री में बहुत भेदभाव होता है। कई लोगों का मानना है कि अनुराधा ने इसी भेदभाव के कारण भजन गाने का फैसला लिया।
किस्मत ने हर बार दिया धोखा
पति के जाने के बाद अनुराधा के लिए उनके बच्चे की सब कुछ थे। अनुराधा की बेटी कविता भी सिंगर हैं लेकिन अनुराधा को उस वक्त सबसे बड़ा झटका लगा, जब उन्होंने अपने बेटे आदित्य को खो दिया साल 2020 में किडनी फेलियर के कारण अनुराधा के बेटे का निधन हो गया था। किस्मत ने इस बार भी उन्हें धोखा दिया। बेटे के जाने के बाद से अनुराधा अपनी बेटी कविता के साथ रहती हैं।
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