OLA Uber Rapido Driver Strike February 7: अगर आप ओला, उबर और रैपिडो से सफर करते हैं तो आपके लिए ये खबर बहुत जरूरी है. क्योंकि 7 फरवरी को आप ओला, उबर और रैपिडो सेवा का लाभ नहीं उठा पाएंगे. दरअसल ओला, उबर और रैपिडो आज 7 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं. ड्राइवर यूनियनों ने इसे ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ का नाम दिया है. आइये आपको बताते हैं ये स्ट्राइक क्यों हुई है और इसका क्या असर होगा.
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क्यों हो रही है हड़ताल?
हड़ताल का सबसे बड़ा कारण ‘मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025’ के बावजूद ड्राइवरों की स्थिति में सुधार न होना है.
किराए में मनमानी: ड्राइवरों का आरोप है कि कंपनियां अपनी मर्जी से किराया तय करती हैं और उनका कमीशन बहुत ज्यादा है.
कम कमाई: ईंधन (Fuel) की बढ़ती कीमतों और महंगाई के बीच ड्राइवरों की बचत बहुत कम रह गई है. एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 40% गिग वर्कर महीने के 15000 रुपये से भी नहीं कमा पा रहे हैं.
सुरक्षा और नियम: सरकार की ओर से कोई ठोस नियमन (Regulation) न होने के कारण कंपनियां बिना किसी पारदर्शिता के काम कर रही हैं.
क्या है ड्राइवरों की मांग?
यूनियनों ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर अपनी ये मांगें रखी हैं:
न्यूनतम बेस किराया (Minimum Fare): सरकार हर राइड के लिए एक न्यूनतम किराया तय करे ताकि ड्राइवरों की आय सुनिश्चित हो सके.
प्राइवेट गाड़ियों पर रोक: निजी (सफेद नंबर प्लेट) बाइक और कारों का कमर्शियल इस्तेमाल (बाइक टैक्सी के रूप में) तुरंत बंद हो, क्योंकि इससे लाइसेंस धारक ड्राइवरों का नुकसान होता है.
धारा 17.3 को हटाना: गाइडलाइंस की उस धारा को हटाने की मांग है जो कंपनियों को बेस किराये से 50% कम पर राइड देने की अनुमति देती है.
पारदर्शिता: कंपनियों के ‘एल्गोरिदम’ और कमीशन काटने के तरीके में स्पष्टता हो.
ऑल इंडिया ब्रेकडाउन का क्या होगा असर?
6 घंटे का लॉग-ऑफ: कल (7 फरवरी) को देशभर के हजारों ड्राइवर सुबह से कम से कम 6 घंटे के लिए अपने मोबाइल ऐप्स बंद (Offline) रखेंगे.
इन सेवाओं पर असर: ओला/उबर की कैब, ऑटो-रिक्शा और रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी.
कौन से शहर होंगे प्रभावित : दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और नागपुर जैसे बड़े शहरों में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
आगे क्या होगा?
ड्राइवर यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर तुरंत विचार नहीं किया, तो यह ब्रेकडाउन आने वाले समय में अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल सकता है.
यात्रियों के लिए सुझाव:
कल (7 फरवरी) सुबह के समय यदि आपको कहीं जरूरी काम से जाना है, तो ओला/उबर के भरोसे रहने के बजाय सार्वजनिक परिवहन (मेट्रो या डीटीसी बसों) का विकल्प तैयार रखें.