Success Story : अगर आप 40 या 50 साल की उम्र पार कर चुके हैं या चुकी हैं और सोचते हैं या सोचती हैं कि अब बिजनेस करने की उम्र नहीं बची तो मिलिए अमेरिका की इस ‘परदादी’ से। नाम है- जोआन पेडेन (Joan Payden)। परदादी इसलिए क्योंकि इनकी उम्र 90 साल से ज्यादा है। इस उम्र में अमूमन परदादी या परनानी ही होती हैं। लेकिन 92 साल की जोआन पेडेन आम परदादी या परनानी से बिल्कुल अलग हैं। आज वह न केवल एक कंपनी की प्रेसिडेंट और सीईओ हैं, बल्कि अमेरिका की सबसे अमीर सेल्फ-मेड महिला भी हैं। फोर्ब्स के मुताबिक इनकी संपत्ति 700 मिलियन डॉलर (करीब 5842 करोड़ रुपये) है। लेकिन इनका यह सफर इतना आसान नहीं रहा।
कंपनी ने जॉब से निकाला
किसी भी महिला के लिए साइंस से पढ़ाई करना और फिर इंजीनियरिंग करना आसान नहीं होता। जोआन का जन्म 1936 में हुआ था। बचपन इंडोनेशिया में गुजरा। बाद में वह अपने पिता के पास अमेरिका में आ गईं। यहां उनके पिताजी एक बड़ी केमिकल कंपनी में काम करते थे। जोआन ने अमेरिका के कॉलेज से मैथ्स और फिजिक्स में ग्रेजुएशन की। 1950 के दशक में जोआन चुनींदा महिला इंजीनियर्स में से एक थीं। वह न्यूजर्सी की एक ऑइल रिफाइनरी में काम करती थीं। तीन साल बाद ही कंपनी में छंटनी हुई और उन्हें भी नौकरी से निकाल दिया गया।

करीब 6000 करोड़ रुपये की मालकिन हैं जोआन।
इंजीनियरिंग छोड़ फाइनेंस की दुनिया में कदम
किसी भी शख्स के लिए किसी दूसरे फील्ड में जाने का फैसला काफी मुश्किलों भरा होता है। ऐसा ही कुछ जोआन के साथ भी हुआ। जॉब से निकाले जाने के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग के फील्ड को छोड़ने और फाइनेंस की दुनिया में कदम रखने का फैसला लिया। उन्होंने एक फाइनेंस कंपनी में जूनियर एसोसिएट की जॉब शुरू कर दी। 1999 में एक अमेरिकी अखबार को दिए इंटरव्यू में जोआन ने कहा था कि उन्होंने इस फाइनेंस कंपनी में 25 फीसदी कम सैलरी में जॉब की। इसका कारण था कि उन्हें बॉन्ड और स्टॉक में अंतर नहीं पता था।
महिला होने के कारण नहीं मिला प्रमोशन
महिला होने के कारण जोआन को अपने करियर में कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। दरअसल, पहली फाइनेंस कंपनी में काम करने के कुछ साल बाद उन्होंने जॉब छोड़ दी थी और दूसरी कंपनी जॉइन कर ली। कुछ समय बाद वह उस फर्म की पहली महिला पार्टनर बन गईं। लेकिन इससे वह बहुत ज्यादा खुश नहीं थीं। पेडेन ने 2011 में एक कार्यक्रम में बताया कि महिला होने के कारण वह पुरुषों की एक गोल्फ मीटिंग में शामिल नहीं हो पाई थीं। इस मीटिंग में महिलाओं को शामिल होने की अनुमति नहीं थी। इस कारण उनका मुख्य प्रमोशन रुक गया था।
52 साल की उम्र में शुरू की कंपनी
जोआन बताती हैं कि उन्हें लिंग (जेंडर) के आधार पर भेदभाव अच्छा नहीं लगा। 52 साल की उम्र में उन्होंने अपने सहकर्मी सेंड्रा रीगल के साथ अपनी फाइनेंस कंपनी शुरू की। उन्होंने अपनी फर्म का नाम पेडेन एंड रायगेल (Payden and Rygel) रखा। उन्होंने अपनी सारी जमा पूंजी इसी कंपनी में लगा दी। इसे शुरू करना उनके लिए काफी मुश्किल भरा फैसला था। उन्हें लगता था कि उनकी कंपनी सफल नहीं होगी। उन्हें क्लाइंट नहीं मिलेंगे।
आज 13.53 लाख करोड़ रुपये का फंड संभालती है कंपनी
जोआन की मेहनत धीरे-धीरे रंग ला रही थी। आज उनकी यह फर्म अमेरिका की सबसे बड़ी प्रमुख वेल्थ मैनेजमेंट कंपनियों में से एक है। कंपनी 162 बिलियन डॉलर (करीब 13.54 लाख करोड़ रुपये) का फंड मैनेज करती है। कंपनी के कई देशों में ऑफिस हैं जिनमें कुल 240 लाग काम करते हैं। फोर्ब्स ने 2024 की लिस्ट में जोआन को अमेरिका की सबसे अमीर सेल्फ मेड महिला के रूप में शामिल किया है।
टीम में भारतवंशी भी शामिल
पेडेन एंड रायगेल की वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक इनकी प्रमुख टीम में 34 लोग शामिल हैं, जिनमें जोआन भी हैं। इन 34 में जोआन समेत 10 महिलाएं हैं। पूरी टीम में कई भारतवंशी भी शामिल हैं। इनमें आशा जोशी (मैनेजिंग डायरेक्टर) और बिल्ला कालरा (डायरेक्टर) शामिल हैं। जोआन कहती हैं कि सफल होने के लिए रिस्क लेना जरूरी है। वह कहती हैं कि जब आप किसी झील में कूदते हैं तो आप डूबने के बारे में नहीं सोच सकते। आपको तैरना ही होगा।