RBI interest rate: SBI रिसर्च ने अपनी नवीनतम Ecowrap रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दर वृद्धि पर फिलहाल रोक लगा सकता है और मौजूदा 6.5 प्रतिशत रेपो दर की जारी रह सकती है। रेपो दर वह ब्याज दर है जिस पर आरबीआई सभी वाणिज्यिक बैंकों को पैसा उधार देता है। बता दें कि अगली मौद्रिक नीति बैठक अप्रैल 2023 के पहले सप्ताह के लिए निर्धारित है।

फरवरी की शुरुआत में आरबीआई की नवीनतम मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने मुद्रास्फीति की उम्मीदों को स्थिर रखने, मुख्य मुद्रास्फीति की दृढ़ता के मद्देनजर और मध्यम अवधि के विकास की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए रेपो दर को 25 आधार अंकों से बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत करने का फैसला किया। बता दें कि ब्याज दरें बढ़ाना एक मौद्रिक नीति साधन है जो आम तौर पर अर्थव्यवस्था की मांग को पूरा करता है, जिससे मुद्रास्फीति की दर में गिरावट आती है।

रेपो रेट में बढ़ोतरी को रोकने के लिए पर्याप्त कारण

2020 की शुरुआत में जब COVID ने दुनिया को प्रभावित किया, तो रेपो दर 4 प्रतिशत थी। भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष द्वारा एसबीआई रिसर्च तैयार की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई के पास अप्रैल की बैठक में रेपो रेट में बढ़ोतरी को रोकने के लिए पर्याप्त कारण हैं।

भारत की खुदरा मुद्रास्फीति लगातार तीन तिमाहियों के लिए आरबीआई के 6 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर रही। सीपीआई आधारित महंगाई लगातार तीन तिमाहियों से 2-6 फीसदी के दायरे से बाहर है।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

होम पेज पर वापस जाएँ