New Rules From March 2025: मार्च महीने की शुरुआत होने वाली है और इससे पहले ही आम आदमी से जुड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली चीजें और आर्थिक स्थिति में 1 मार्च 2025 से बदलाव हो सकता है। ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले UPI से लेकर सिलेंडर की कीमत जुड़े बदलाव हो सकते हैं। आइए 1 मार्च 2025 से होने वाले 5 बड़े बदलावों के बारे में जानते हैं।
UPI ट्रांजैक्शन में बड़ा बदलाव
1 मार्च 2025 से यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) में लेनदेन से जुड़ा एक बड़ा बदलाव होगा। दरअसल, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) के नए नियम अनुसार यूजर्स के लिए बीमा प्रीमियम का भुगतान यूपीआई से करना आसान हो सकेगा।
फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit)
मार्च से फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े नियमों में बदलाव होने वाले हैं। नए नियमों के चलते एफडी निवेशकों के लिए रिटर्न पर असर डाल सकता है। इतना ही नहीं निकासी के तरीकों और टैक्स से जुड़े बदलाव भी हो सकते हैं।
CNG-PNG और ATF की कीमत
सीएनजी, पीएनजी और एटीएफ की कीमतों को हर महीने की शुरुआत में रिवाइज्ड किया जाता है। इसके बाद नए रेट को जारी किया जाता है। ऑयल कंपनियां महीने की शुरुआत में हवाई ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के रेट का संशोधन करती हैं। इसके अलावा CNG-PNG के रेट भी रिवाइज्ड करती हैं जिसके बाद कीमतों में बदलाव किया जाता है।
एफडी ब्याज दरों में बदलाव (Fixed Deposit Rate)
मार्च में बैंक द्वारा फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज दरों में बदलाव किया जा सकता है। संशोधन के दौरान ब्याज दरें घटाई या घटाई या बढ़ाई जा सकती हैं। उम्मीद है कि 5 साल या उससे कम समय वाले फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में बदलाव हो सकता है।
एलपीजी की कीमत (LPG Cylinder Rate)
ऑयल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में एलपीजी की कीमतों को रिवाइज्ड करती हैं। 1 मार्च 2025 को भी तेल कंपनी की ओर से एलपीजी रेट का संशोधन किया जा सकता है। ऐसे में नए दाम जारी हो सकते हैं जो बदलाव के साथ या फिर बिना किसी बदलाव के भी हो सकते हैं।
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