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Gold Silver Price Crash: सोने-चांदी के दामों में भयंकर गिरावट, PM मोदी की अपील का कितना असर?

Gold Silver Price Crash: सोने और चांदी के खरीदारों के लिए बड़ी खबर! सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. जानिए बजट से पहले पीएम मोदी की किस अपील और सरकार के किस कदम से मई के मुकाबले जून में सोने के करीब 13,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 46,000 रुपये प्रति किलो तक टूट चुकी है.

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Gold Silver Price Crash: अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है. सर्राफा बाजार में पिछले कुछ हफ्तों के भीतर सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिली है. मई से लेकर जून के महीने के बीच 24 कैरेट सोना करीब 13,267 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग 45,809 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है. इस भारी गिरावट के बाद जहां खरीदार राहत की सांस ले रहे हैं,

वहीं निवेशक हैरान हैं कि आखिर अचानक बाजार में ऐसा क्या हो गया. इस बड़ी गिरावट के बाद बाजार में गहने खरीदने वालों की भीड़ बढ़ने लगी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गिरावट के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक खास अपील और सरकार की एक बड़ी रणनीति है? आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

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क्या थी पीएम मोदी की वो अपील, जिससे प्रभावित हुआ बाजार?

दरअसल, मई महीने में मिडिल ईस्ट में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, पीएम मोदी ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल तक सोना खरीदने और विदेश यात्रा जैसे गैर-जरूरी खर्चों को टालने का आग्रह किया था. भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से आयात करता है, जिससे देश का काफी डॉलर बाहर चला जाता है.

पीएम मोदी ने लोगों से आग्रह किया था कि वे सोने को केवल एक ‘डेड इन्वेस्टमेंट’ के रूप में देखने के बजाय देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाले माध्यमों में निवेश करें. पीएम मोदी की इस अपील का मकसद देश में सोने के बेतहाशा आयात को कम करना और घरेलू बचत को डिजिटल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) या अन्य उत्पादक क्षेत्रों की ओर मोड़ना था. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस अपील के बाद निवेशकों के सेंटिमेंट में बड़ा बदलाव आया है.

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सरकार ने लिया यह बड़ा फैसला

सिर्फ प्रधानमंत्री की अपील ही नहीं, बल्कि सरकार के एक कड़े फैसले ने भी कीमतों को नीचे लाने में बड़ी भूमिका निभाई. सरकार ने सोने और चांदी पर प्रभावी आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 15 प्रतिशत कर दिया. इस कदम का मकसद सोने के आयात को नियंत्रित करना था.

आंकड़ों में समझिए कितनी आई गिरावट

  • सोने के दाम: मई में सोना लगभग 1,53,140 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब घटकर करीब 1,39,873 रुपये पर आ गया है.
  • चांदी के दाम: चांदी जो मई में 2,62,350 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर थी, वह अब टूटकर करीब 2,16,541 रुपये प्रति किलो रह गई है.

इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की सुगबुगाहट और अन्य बड़े कारण

सोने-चांदी की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे केवल अपील ही नहीं, बल्कि कुछ कड़े आर्थिक कारण भी काम कर रहे हैं:

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  • इंपोर्ट ड्यूटी घटने की उम्मीद: आगामी बजट को लेकर सराफा बाजार में यह कयास तेज हैं कि सरकार सोने पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को कम कर सकती है. इस उम्मीद में बड़े व्यापारियों ने भारी लिवाली रोक दी है.
  • वैश्विक बाजारों का दबाव: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती के कारण वैश्विक स्तर पर भी सोने की कीमतों में सुधार देखा जा रहा है.
  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की तरफ रुझान: पीएम की अपील के बाद भौतिक सोना खरीदने के बजाय लोग कागजी या डिजिटल सोने में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे बाजारों में हाजिर मांग घटी है.

एक्सपर्ट्स की राय

बाजार विशेषज्ञों और ज्वेलरी इंडस्ट्री के दिग्गजों का मानना है कि आयात शुल्क बढ़ने से आने वाले दिनों में सोने की मांग और इसके इंपोर्ट में 10 से 15 प्रतिशत की कमी आ सकती है. इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मुनाफावसूली होने और मिडल ईस्ट का तनाव थोड़ा कम होने से सोने-चांदी पर दबाव बढ़ा है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर वैश्विक हालात सामान्य रहे तो फिलहाल कीमतों में कोई बड़ा उछाल आने की संभावना नहीं है, जो ग्राहकों के लिए खरीदारी का एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है.

First published on: Jun 28, 2026 11:53 PM

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Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

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