GDP ग्रोथ और भारतीय इकोनॉमी को कैसे प्रभावित करेगा 8वां वेतन आयोग?

8th Pay Commission Impact: विशेषज्ञों का मानना ​​है कि बढ़े हुए वेतन और भत्ते ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देंगे, क्योंकि प्रभावित लोगों में से अधिकांश अभी भी गांवों और छोटे शहरों में रहते हैं।

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GDP Growth: 8वें वेतन आयोग का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा? क्या इससे इस साल घटी खपत (Consumption) बढ़ेगी, जिसके चलते वित्त वर्ष 24 में जीडीपी वृद्धि दर 8.2% से घटकर वित्त वर्ष 2024-25 में 6.4% रह सकती? वित्तीय विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि वेतन, भत्ते और सुविधाओं में वृद्धि से नौकरीपेशा लोगों की जेब में अतिरिक्त और खर्च करने लायक पैसा आएगा। वेतन में वृद्धि से खपत के साथ-साथ निवेश भी बढ़ सकता है। इससे एक बार में एक करोड़ से ज्यादा लोगों और उनके परिवार के सदस्यों की पर्चेजिंग पावर बढ़ सकती है।

7वां वेतन आयोग

एके माथुर की अध्यक्षता वाले 7वें वेतन आयोग ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में 23.55% की बढ़ोतरी की सिफारिश की थी। 1 जनवरी, 2016 को 7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद, सरकारी कर्मचारियों के वेतन में इतनी वृद्धि हुई कि एंट्री लेवल पर नए नियुक्त सरकारी कर्मचारी को 7000 रुपये के बजाय 18,000 रुपये प्रति माह का न्यूनतम वेतन मिला। इस प्रकार केंद्र सरकार के कर्मचारी का न्यूनतम वेतन दो गुना से भी अधिक बढ़ा दिया गया। परिणामस्वरूप, नए नियुक्त क्लास I अधिकारी का न्यूनतम वेतन 56,100 रुपये प्रति माह हो गया। इसका असर पेंशनभोगियों पर भी पड़ा। वेतन आयोग ने सुझाव दिया कि नई पेंशन निर्धारित राशि के 50% के बराबर होनी चाहिए। नतीजतन, भविष्य में पेंशनभोगियों को उनकी मूल पेंशन का 2.57 गुना मिलने लगा।

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अर्थव्यवस्था पर दिखा असर

इससे भारतीय अर्थव्यवस्था में जोरदार उछाल आया। राज्य सरकारें दबाव में आ गईं और उनमें से अधिकांश को अपने कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि करनी पड़ी। इसका महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ अपनी बजट-पूर्व बैठक में उन्हें आयकर में कटौती, मानक कटौती में वृद्धि और न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि के साथ-साथ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए बजट आवंटन बढ़ाने की सलाह दी है।

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CII ने क्या कहा?

सीआईआई ने तर्क दिया कि अतिरिक्त डिस्पोजेबल आय से खपत बढ़ेगी जिससे समग्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। पिछले सप्ताह जब राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistical Office) ने अपना पहला एडवांस्ड अनुमान जारी किया, तो उसने कहा कि जीडीपी में कुल GDP का केवल 6.4% ही इजाफा होगा। उसने यह भी कहा कि ऐसा खपत में कमी के कारण है। विशेषज्ञों का यह भी मानना ​​है कि बढ़े हुए वेतन और भत्ते ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देंगे क्योंकि प्रभावित लोगों में से अधिकांश अभी भी गांवों और छोटे शहरों में रहते हैं। उनकी बढ़ी हुई खपत समग्र रूप से भारतीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाएगी। 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी, 2026 को लागू हो सकता है। इसका वित्त वर्ष 2027-28 की जीडीपी वृद्धि दर पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है।

 

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