Danny Denzongpa Beer Brand: विजय माल्या जब अपने ‘अच्छे दिन’ एन्जॉय कर रहे थे तो शराब कारोबार में उनकी तूती बोलती थी। माल्या की कंपनी यूनाइटेड ब्रुअरीज (UB) का लगभग पूरे देश के कारोबार पर कब्जा था। हालांकि, पूर्वोत्तर के सात राज्यों में तमाम कोशिशों के बावजूद वह एंट्री नहीं कर पाई। इसकी वजह कोई और नहीं बल्कि डैनी डेन्जोंगपा थे। जी हां, वही डैनी डेन्जोंगपा जिन्होंने अपनी धमाकेदार एक्टिंग से सबको अपना दीवाना बना लिया था।
1987 में की शुरुआत
फिल्मी दुनिया के सबसे लोकप्रिय विलेन रहे डैनी डेन्जोंगपा ने ऐसी रणनीति बनाई कि पूर्वोत्तर को लेकर लिकर लिंग माल्या का सपना पूरा नहीं हो पाया। दरअसल, डेन्जोंगपा भी शराब के कारोबार में हैं। उन्होंने 1987 में सिक्किम में ‘युकसोम ब्रुअरीज’ नाम से बीयर बिजनेस की शुरुआत की और धीरे-धीरे अपना कारोबार बढ़ाते चलाते गए। डेन्जोंगपा ने कंपनी का नाम अपने होमटाउन पर रखा है।
इस तरह हासिल की बढ़त
2005 में डेन्जोंगपा ने ओडिशा में डेन्जोंग ब्रुअरीज की स्थापना के साथ अपने बिजनेस का विस्तार किया। 2009 में जब बीयर बाजार तेजी से फैल रहा था। तब विजय माल्या की यूनाइटेड ब्रुअरीज की नजर असम की राइनो एजेंसीज पर पड़ी, जो उस समय एक नई शराब बनाने वाली कंपनी थी। हालांकि, इससे पहले कि विजय माल्या अपनी योजना में सफल होते, डैनी ने राइनो एजेंसीज का अधिग्रहण कर लिया। इस तरह युकसोम ब्रुअरीज पूर्वोत्तर के बाजार पर हावी हो गई।
UB की नहीं हो पाई एंट्री
MSN की रिपोर्ट के अनुसार, डैनी चाहते थे कि पूर्वोत्तर के शराब बाजार पर उनकी कंपनी को बढ़त मिले। ऐसे में जब उन्हें विजय माल्या की योजना के बारे में पता चला तो उन्होंने राइनो एजेंसीज को खरीद लिया और बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। UB कभी पूर्वोत्तर में शराब बनाने वाली कंपनी का अधिग्रहण नहीं कर पाई और इस मार्केट का लाभ उठाने से दूर रही।
इकॉनमी में इतना योगदान
युकसोम ब्रुअरीज पूर्वोत्तर की अर्थव्यवस्था में अच्छा-खास योगदान देती है। इस कंपनी में अधिकांश स्थानीय लोगों को नौकरी दी जाती है। बड़ी संख्या में डैनी डेन्जोंगापा के होमटाउन से जुड़े लोग पूर्वोत्तर की स्थित शराब बनाने वाली फैक्ट्रियों में काम कर रहे हैं। सिक्किम एक्सप्रेस ने 2022 में बताया था कि युकसोम ब्रुअरीज हर साल स्थानीय अर्थव्यवस्था में 100 करोड़ रुपये का योगदान देती है।
इतनी है उत्पादन क्षमता
डैनी की कंपनी ‘Yuksom Breweries’ की वेबसाइट के मुताबिक, ब्रांड की उत्पादन क्षमता 6.8 लाख HL (Hectoliter) प्रति वर्ष है। मौजूदा समय में डैनी डेन्जोंगपा की बीयर कंपनी देश की तीसरी सबसे बड़ी बीयर कंपनी है। इससे आगे केवल किंगफिशर और किमाया ही हैं। जबकि अधिक उत्पादन करने वाले अन्य सभी ब्रांड विदेशी हैं, जैसे कि Hogaarden, Budweiser और Carlsberg।
केवल बिजनेस पर फोकस
डैनी डेन्जोंगपा ने 1971 में बॉलीवुड में कदम रखा और कई हिट फिल्मों का हिस्सा रहे। ‘लव स्टोरी’, ‘घातक’, ‘अग्निपथ’, ‘खुदा गवाह’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘चाइना गेट’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में उनके काम को खूब सराहना मिली। फिलहाल वह फिल्मों में कम ही नजर आते हैं, क्योंकि उनका पूरा ध्यान इस समय अपने कारोबार पर है।