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Third Party Insurance क्या होता है? जानिए कैसे करता है काम और कौन-से ऐड-ऑन दिलाते हैं पूरी सेफ्टी

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस हर वाहन मालिक के लिए कानूनी रूप से जरूरी होता है. इस लेख में आप आसान भाषा में जानेंगे थर्ड पार्टी बीमा कैसे काम करता है, क्लेम की प्रक्रिया क्या है और कौन-से ऐड-ऑन कवर आपकी पॉलिसी को मजबूत बनाते हैं, जैसे जीरो डेप्रिसिएशन, इंजन प्रोटेक्टर और रोडसाइड असिस्टेंस.

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Written By: Mikita Acharya Updated: Nov 26, 2025 10:51
Third-Party Insurance
Photo-News24 GFX

What Is Third Party Insurance: आज ज्यादातर लोग कार चलाते हैं, लेकिन बहुत कम लोग बीमा को सही तरह से समझते हैं. कई बार लोग सिर्फ चालान से बचने के लिए बीमा करवा लेते हैं, यह जाने बिना कि कौन-सी पॉलिसी उन्हें असल में सुरक्षा देती है. अगर आप भी कार बीमा को सिर्फ एक औपचारिकता मानते हैं, तो यह लेख आपके लिए है. यहां हम आसान भाषा में बताएंगे कि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या होता है, कैसे काम करता है और ऐड-ऑन कवर आपकी सुरक्षा को कैसे बढ़ाते हैं.

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या होता है?

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस वह बीमा होता है जो दुर्घटना की स्थिति में किसी दूसरे व्यक्ति, उसके वाहन या संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई करता है. मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार यह भारत में हर वाहन मालिक के लिए अनिवार्य है. इस बीमे का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अगर आपकी वजह से किसी और को नुकसान हुआ है, तो उसका खर्च आपकी जेब से सीधे न जाए.

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थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में क्या कवर होता है और क्या नहीं

थर्ड पार्टी बीमा में सामने वाले व्यक्ति की गाड़ी, संपत्ति या चोट का खर्च बीमा कंपनी वहन करती है. लेकिन आपकी अपनी कार को हुए नुकसान का कोई भुगतान इसमें नहीं मिलता. इसलिए यह एक बेसिक सुरक्षा कवच है, जो सिर्फ आपकी कानूनी जिम्मेदारी को पूरा करता है, आपकी कार नहीं बचाता.

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कैसे काम करता है?

अगर आपकी कार से कोई हादसा हो जाता है और सामने वाले को नुकसान होता है, तो बीमा कंपनी उसकी मरम्मत या इलाज का खर्च देती है. इसके लिए आपको जल्द से जल्द बीमा कंपनी को जानकारी देना होती है. इसके बाद कंपनी एक सर्वेयर भेजती है जो नुकसान का आकलन करता है और रिपोर्ट के आधार पर क्लेम सेटल किया जाता है.

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Photo- freepik

पॉलिसी क्लेम करते समय किन बातों का ध्यान रखें

हादसे के बाद समय, जगह और पूरी जानकारी इकट्ठा करना बहुत जरूरी होता है. दुर्घटना की तस्वीरें लें, गवाहों के नाम और नंबर लें, और अगर पुलिस मामला दर्ज करती है तो FIR नंबर भी नोट करें. यह सारी जानकारी बीमा कंपनी को देने से क्लेम की प्रक्रिया आसान हो जाती है.

पहली, दूसरी और तीसरी पार्टी का मतलब समझें

पहली पार्टी वह होती है जिसने बीमा लिया है यानी आप. दूसरी पार्टी बीमा कंपनी होती है और तीसरी पार्टी वह व्यक्ति होता है जिसे नुकसान पहुंचा है. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का पूरा फोकस तीसरे व्यक्ति को मुआवजा देने पर होता है, न कि आपको.

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्यों जरूरी है

यह बीमा सिर्फ कानूनी मजबूरी नहीं है, बल्कि मानसिक और आर्थिक राहत भी देता है. अगर कभी बड़ा हादसा हो जाए और सामने वाले का नुकसान लाखों में पहुंच जाए, तो यह बीमा आपको भारी आर्थिक बोझ से बचा सकता है.

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पॉलिसी की खास बातें

यह बीमा सबसे सस्ती पॉलिसी मानी जाती है, क्योंकि इसमें आपकी कार का कवरेज शामिल नहीं होता. इसे ‘लायबिलिटी ओनली’ पॉलिसी भी कहा जाता है. यह इंजरी, मौत और संपत्ति के नुकसान जैसी स्थितियों में सुरक्षा देता है, लेकिन आपकी खुद की कार की मरम्मत का खर्च नहीं उठाता.

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्लेम करने की पूरी प्रक्रिया क्या है?

सबसे पहले बीमा कंपनी को सूचना दें. उसके बाद नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं. फिर क्लेम फॉर्म भरें और जरूरी दस्तावेज जमा करें. बीमा कंपनी सर्वेयर भेजती है, रिपोर्ट बनती है और फिर नुकसान का भुगतान किया जाता है.

Photo-Freepik

किन हालात में क्लेम नहीं मिलेगा

अगर ड्राइवर शराब के नशे में था, ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, वाहन अवैध काम के लिए इस्तेमाल हुआ या हादसा जानबूझकर किया गया हो, तो बीमा कंपनी क्लेम खारिज कर सकती है. चोरी होने की स्थिति में भी थर्ड पार्टी बीमा कोई मुआवजा नहीं देता.

ऐड-ऑन कवर क्या होता है?

ऐड-ऑन बीमा आपकी मुख्य पॉलिसी के साथ जोड़े जाने वाले अतिरिक्त सुरक्षा कवच होते हैं. ये उन खर्चों को कवर करते हैं जो सामान्य बीमा में शामिल नहीं होते. इसके लिए थोड़ा ज्यादा प्रीमियम देना पड़ता है, लेकिन सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है.

जीरो डेप्रिसिएशन कवर: पूरा पैसा, बिना कटौती

सामान्य क्लेम में पुर्जों की कीमत घटाकर भुगतान किया जाता है, लेकिन जीरो डेप्रिसिएशन कवर में ऐसा नहीं होता. इसमें मरम्मत पर पूरा खर्च मिलता है, जिससे आपकी जेब पर बोझ नहीं पड़ता.

इंजन प्रोटेक्टर: इंजन की अलग सुरक्षा

पानी भरने या तकनीकी खराबी से इंजन खराब हो सकता है, और यह सामान्य पॉलिसी में कवर नहीं होता. इंजन प्रोटेक्टर ऐड-ऑन ऐसे खर्चों से आपको बचाता है.

रोडसाइड असिस्टेंस: रास्ते में अटके तो मदद मिलेगी

अगर कार बीच रास्ते खराब हो जाए, टायर फट जाए या बैटरी बैठ जाए, तो यह कवर आपको मैकेनिक, टोइंग या इमरजेंसी हेल्प दिलाता है.

कंज्यूमेबल कवर: छोटे खर्चों की भी भरपाई

तेल, ग्रीस, बोल्ट, नट और कूलेंट जैसे छोटे लेकिन जरूरी सामान दुर्घटना में खराब हो जाते हैं. यह ऐड-ऑन इन सभी खर्चों की भरपाई करता है.

की रिप्लेसमेंट कवर: चाबी खोने का डर नहीं

अगर आपकी कार की चाबी खो जाए या टूट जाए और लॉक बदलना पड़े, तो यह कवर उस खर्च को संभाल लेता है.

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के नियम कार और बाइक दोनों के लिए एक हैं?

हां, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के नियम कार और बाइक दोनों के लिए समान हैं- दोनों ही बीमा कानूनन अनिवार्य हैं और किसी दुर्घटना में तीसरे पक्ष को होने वाली शारीरिक चोट, मृत्यु या संपत्ति के नुकसान को कवर करते हैं. हालांकि, नियमों में कुछ भिन्नताएं हैं, जैसे कि अब बाइक के लिए 5 साल का लंबी अवधि का थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य है, जबकि कारों के लिए यह 3 साल की अवधि के लिए है. 

कार बीमा सिर्फ कानून का पालन करने का जरिया नहीं है, बल्कि आपकी आर्थिक ढाल है. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस आपको कानूनी मुसीबत से बचाता है, और ऐड-ऑन कवर आपकी कार को सुरक्षित बनाते हैं. सही जानकारी के साथ बीमा चुनेंगे, तो हादसे के बाद पछताना नहीं पड़ेगा.

ये भी पढ़ें- गाड़ी बेच दी, लेकिन कागजी काम बाकी? RC ट्रांसफर नहीं कराया तो मुसीबत पक्की, ये है सबसे आसान तरीका

First published on: Nov 26, 2025 10:51 AM

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