भारत में कार बाजार पहले तेजी से बढ़ रहा था, लेकिन अब इसकी रफ्तार धीमी हो गई है। जो लोग नई कार खरीदना चाहते थे, वे अब दोबारा सोच रहे हैं। वित्त वर्ष 2025 (FY25) में कारों की बिक्री सिर्फ 2.6% बढ़ी, जो कार कंपनियों के लिए चिंता की बात है। शहरों में कारों की मांग कम हो रही है खासकर छोटी कारों और सेडान की बिक्री घट रही है। लेकिन इसी बीच महिंद्रा और टोयोटा जैसी कंपनियों ने अच्छी बिक्री करके उम्मीद जगाई है। अब सवाल यह है कि क्या कार बाजार दोबारा तेजी पकड़ेगा?
कार बिक्री में सुस्ती, FY26 में भी मंदी के संकेत
भारत में यात्री वाहनों (PV) की बिक्री वित्त वर्ष 2025 (FY25) में धीमी हो गई और अगले साल (FY26) में भी इसमें ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं है। मार्च 2025 में भारत में 3.80 लाख से 3.90 लाख कारें बिकीं, जबकि पिछले साल इसी महीने 3.68 लाख कारें बिकी थीं। पूरे साल (FY25) में कुल 4.34 मिलियन कारें बिकीं, जो सिर्फ 2.6% की बढ़ोतरी है। बिक्री घटने की वजह शहरी इलाकों में कम मांग, पहले से ज्यादा बिक्री का असर और छोटी कारों व सेडान की घटती लोकप्रियता रही।
Category | Year | Units (Million/Thousand) | Y-o-Y Change (%) |
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March Sales Volume | 2024 | 368,016 | 3.3 – 6 (Increase) |
2025 | 380,000 – 390,000 | – | |
Financial Year Sales | FY24 | 4.23 Million | 2.6 (Increase) |
FY25 | 4.34 Million | – |
महामारी के बाद की तेजी अब कमजोर पड़ रही है
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) के मार्केटिंग और सेल्स प्रमुख पार्थ बनर्जी ने कहा कि FY24 में कारों की बिक्री तेजी से बढ़ी थी क्योंकि कोविड-19 के बाद लोग ज्यादा कार खरीद रहे थे। लेकिन यह तेजी ज्यादा समय तक नहीं रह सकती थी। उन्होंने बताया कि पिछले 5 सालों में कार बिक्री की औसत वार्षिक वृद्धि (CAGR) 4.6% रही है। SIAM (सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) ने FY25 के लिए 3-4% बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था लेकिन असल में यह सिर्फ 2.6% रही। FY26 में भी सिर्फ 1-2% बढ़ने की उम्मीद है यानी बाजार में बड़ी तेजी नहीं आएगी।
Company | March 2025 Sales | Y-o-Y Change (%) | FY25 Sales | Y-o-Y Change (%) |
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Maruti Suzuki | 160,016 | -0.6 | 1,901,681 | 2.7 |
Hyundai | 51,820 | -2.2 | 598,666 | -2.6 |
Tata Motors | 51,616 | 3.0 | 553,585 | -3.0 |
Mahindra & Mahindra | 48,048 | 18.3 | 551,487 | 19.9 |
Toyota | 28,373 | 13.0 | 337,148 | 27.9 |
Kia | 25,525 | 19.3 | 255,207 | 3.9 |
छोटी कारों और सेडान की मांग में गिरावट
FY25 में छोटी कारों और सेडान की बिक्री कम हो गई। मारुति सुजुकी की छोटी कारों की बिक्री घटकर 9,04,909 यूनिट हो गई, जो FY24 में 9,80,446 यूनिट थी। हुंडई मोटर इंडिया की कारों की बिक्री 2.6% कम होकर 5,98,666 यूनिट रही। वहीं टाटा मोटर्स की घरेलू कार बिक्री 3% घटकर 5,53,585 यूनिट रह गई। टाटा मोटर्स के पीवी और ईवी प्रमुख शैलेश चंद्र ने कहा कि FY25 में कारों की मांग कभी बढ़ी तो कभी घटी। आगे कारों की बिक्री इस बात पर निर्भर करेगी कि लोग कितना खर्च करते हैं, महंगाई कितनी होती है, सरकार कितना निवेश करती है और दुनिया में क्या बदलाव होते हैं।
महिंद्रा और टोयोटा ने दिखाई मजबूती, निर्यात में बढ़त
महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (TKM) ने इस साल शानदार प्रदर्शन किया। M&M की कारों की घरेलू बिक्री 27.9% बढ़कर 3,37,148 यूनिट हो गई, जबकि टोयोटा की बिक्री 19.9% बढ़कर 5,51,487 यूनिट रही। टोयोटा के सेल्स हेड वरिंदर वाधवा ने बताया कि SUV, MPV और हाइब्रिड गाड़ियों की अच्छी मांग, निर्यात में बढ़ोतरी और छोटे शहरों में मजबूत पकड़ की वजह से कंपनी की बिक्री बढ़ी है। मारुति सुजुकी के निर्यात में भी 17.5% की बढ़ोतरी हुई और यह 3,32,585 यूनिट तक पहुंच गया। कंपनी के कॉर्पोरेट अफेयर्स डायरेक्टर राहुल भारती ने बताया कि 2025-26 में ई-विटारा लॉन्च होने के बाद इलेक्ट्रिक कारों के निर्यात से बिक्री और बढ़ेगी। मारुति का लक्ष्य दशक के अंत तक हर साल 7,50,000 से 8,00,000 कारें विदेश भेजने का है।