Navamsa Kundali: कोई ज्योतिष या पंडित जब किसी की कुंडली देखते हैं, तो वे केवल जन्मकुंडली नहीं देखते हैं. वे कुंडली विश्लेषण के लिए कई विधियां अपनाते हैं, ताकि वे सटीक भविष्यवाणी कर पाएं. इसमें से एक विधि है, नवमांश कुंडली का अध्ययन. कहते हैं, जो ज्योतिष केवल जन्मकुंडली देखकर फलित बताते हैं, वे पोंगा पंडित ही होते हैं. ऐसे लोगों की भविष्यवाणियां अक्सर अधूरी होती हैं या सच नहीं होती हैं. आइए जानते हैं, आखिर ये नवमांश कुंडली क्या है और इसका इतना महत्व क्यों हैं?

नवमांश कुंडली क्या है?

'नवमांश' दो शब्दों का योग है- नव यानी नौ और अंश यानी भाग. ज्योतिष शास्त्र में हर राशि की 30 डिग्री होती है और जब इसे 9 बराबर भागों में बांटते हैं, तो हर भाग 3°20' (3 डिग्री 20 मिनट) का हो जाता है. कुंडली की राशियों के इसी नौवें भाग को नवमांश कहते हैं. इस प्रकार नवमांश जन्मकुंडली का एक नौवा डिवीजन हैं, जिसे D-9 भी कहते है. इस प्रकार नवमांश कुंडली किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली का ही एक सूक्ष्म विभाजित रूप है.

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जन्मकुंडली की आत्मा

वैदिक ज्योतिष में लग्न कुंडली, जिसे D-1 कहते हैं, को शरीर और नवमांश कुंडली यानी D-9 को उसकी 'आत्मा' कहा गया है. पाराशर होराशास्त्र के अनुसार, नवमांश कुंडली ग्रहों और भावों की वास्तविक शक्ति, आंतरिक क्षमता और भाग्य का वास्तविक स्वरूप बताती है. यही कारण है कि इसे यह दर्जा दिया गया है. इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं. मान लीजिए जन्मकुंडली के लग्न में कोई कोई ग्रह मजबूत स्थिति में है, लेकिन नवमांश कुंडली में कमजोर है, वह ग्रह केवल औसत फल ही दे पाता है. वहीं, जब ग्रह लग्न में कमजोर लेकिन नवमांश में मजबूत होता है, तो वह बेहतरीन परिणाम देता है.

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नवमांश कुंडली का महत्व

ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य बताते हैं कि जन्मकुंडली किसी व्यक्ति के जीवन में क्या-क्या संभावनाएं हैं, इसे सामने रखती है. लेकिन, नवमांश कुंडली यह स्पष्ट करती है कि उन "संभावनाओं की प्राप्ति" कितनी होगी या होगी भी कि नहीं. नवमांश कुंडली का अध्ययन यह स्पष्ट करता है कि व्यक्ति के जीवन की दिशा क्या होगी? संक्षेप में कहें तो नवमांश कुंडली यह बताती है कि व्यक्ति की आंतरिक क्षमता और भाग्य का स्तर क्या है.

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यही कारण है कि ग्रहों की असली ताकत, जीवन का दूसरा भाग यानी विवाह के बाद का जीवन, जीवनसाथी, शिक्षा, भाग्य और धर्म-अध्यात्म के प्रति झुकाव को स्पष्ट रूप से जानने के लिए D-9 यानी नवमांश देखते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।