Sunil Sharma
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Shivji Ke Upay: पुराणों व आगमों के अनुसार बिल्व पत्र के बिना भगवान शिव की पूजा अधूरी मानी जाती है। बिल्व पत्र के तीन पत्ते सृष्टि में सत, रज और तम गुणों के प्रतीक हैं। भोलेनाथ इन तीनों ही गुणों के अधिपति और संचालक है। इसके अलावा बिल्व पत्र के तीन पत्ते शिव के तीन नेत्रों के भी प्रतीक हैं। यही कारण है कि उनकी पूजा में इसका प्रयोग अनिवार्य है।
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ज्योतिष शास्त्र में बिल्व पत्र का अत्यधिक महत्व बताया गया है। यदि शिवरात्रि अथवा सोमवार के दिन बिल्व पत्र के कुछ उपाय कर लिए जाए तो व्यक्ति अपना भाग्य बदल सकता है। जानिए ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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