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Mokshada Ekadashi: 3 दिसंबर को है मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती, इन उपायों से दूर होगा हर संकट

Mokshada Ekadashi Ke Upay: हिंदू धर्म में एकादशी की तिथि को सर्वाधिक पवित्र माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन किया गया व्रत सभी पापों को नष्ट कर व्यक्ति को मोक्ष देता है। इस दिन भगवान की सच्चे मन से आराधना कर जो भी मांगा जाए, वह जरूर मिलता है। दिसंबर माह […]

Mokshada Ekadashi Ke Upay: हिंदू धर्म में एकादशी की तिथि को सर्वाधिक पवित्र माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन किया गया व्रत सभी पापों को नष्ट कर व्यक्ति को मोक्ष देता है। इस दिन भगवान की सच्चे मन से आराधना कर जो भी मांगा जाए, वह जरूर मिलता है। दिसंबर माह की पहली एकादशी 3 सितंबर 2022 को आएगी। इस एकादशी को मोक्षदा एकादशी भी कहा जाता है।

इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को महाभारत के युद्ध से पहले श्रीमद्भागवत गीता का उपदेश भी दिया था। इस लिए इसे गीता जयन्ती के रूप में भी मनाया जाता है। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही मोक्षदा एकादशी कहा जाता है। जानिए इस दिन के शुभ मुहूर्त तथा उपायों के बारे में

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क्या है मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती पर पूजा के मुहूर्त (Mokshada Ekadashi Muhurat)

मोक्षदा एकादशी का आगमन – 3 दिसंबर 2022 (शनिवार) को सुबह 5.39 बजे
मोक्षदा एकादशी का समापन – 4 दिसंबर 2022 (रविवार) को सुबह 5.34 बजे
मोक्षदा एकादशी का पारण करने का समय – 4 दिसंबर 2022 (रविवार) को दोपहर 1.14 बजे से 3.19 बजे तक

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मोक्षदा एकादशी पर इन उपायों से दूर होंगे सभी संकट (Mokshada Ekadashi Ke Upay)

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  • आजकल बहुत से घरों में पितृदोष होता है। कई लोगों की जन्मकुंडली में भी पितृदोष की शिकायत होती हैं। ऐसे लोगों को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पितरों की शांति के लिए काले तिलों से विधिपूर्वक तर्पण करना चाहिए। इस एकादशी के इस उपाय से पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है तथा पितृदोष दूर होता है। एकादशी के इस उपाय (Ekadashi Ke Upay) से ही व्यक्ति को समस्त प्रकार के सुख-साधन प्राप्त होते हैं।
  • इसी दिन गीता जयंती होने के कारण यह एकादशी अत्यन्त पवित्र मानी गई है। इस दिन यदि घर में श्रीमद्भागवत गीता का पाठ किया जाए और गीता के अध्यायों का ही हवन किया जाए तो उस व्यक्ति के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं।
  • शास्त्रों में एकादशी की तिथि भगवान विष्णु को समर्पित की गई है। इस दिन भगवान विष्णु अथवा श्रीकृष्ण की पूजा कर उन्हें तुलसी समर्पित करने से भी व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है। इस दिन व्रत (Ekadashi vrat) रखकर भगवान विष्णु की पूजा की जाए तो ऐसे व्यक्ति पर लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं और उसे समस्त प्रकार के भंडार देती हैं।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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First published on: Dec 02, 2022 04:03 PM

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