Thursday, 29 February, 2024

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जया एकादशी व्रत कब रखा जाएगा? जानें डेट, शुभ मुहूर्त और नियम

Jaya Ekadashi 2024 Date Time: जया एकादशी का व्रत माघ शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि को रखा जाता है। इस एकादशी व्रत में खास नियमों का पालन करना होता है।

Edited By : Dipesh Thakur | Updated: Jan 17, 2024 15:51
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Jaya Ekadashi 2024
जया एकादशी 2024

Jaya Ekadashi 2024 Date Time Vrat Niyam: जया एकादशी का शास्त्रों में खास महत्व है। पंचांग के अनुसार, यह एकादशी माघ शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि को पड़ती है। जया एकादशी का व्रत रखने से कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त होती है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी 20 फरवरी 2024 को पड़ेगी। इस दिन भीष्ण द्वादशी का भी खास संयोग बन रहा है। माघ जया एकादशी की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व जानिए।

जया एकादशी 2024

तिथि- माघ शुक्ल एकादशी

डेट- 20 फरवरी 2024

दिन- मंगलवार

जया एकादशी 2024 शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि की शुरुआत 19 फरवरी 2024 को सबह 8 बजकर 49 मिनट से होगी। जबकि एकादशी तिथि की समाप्ति 20 फरवरी 2024 को सुबह 9 बजकर 55 मिनट पर होगी। वहीं एकदाशी व्रत का पारण 21 फरवरी को सुबह 6 बजकर 55 मिनट से 9 बजकर 11 मिनट के बीच किया जा सकता है। पारण के दिन द्वादशी तिथि 11 बजकर 27 मिनट पर होगी।

जया एकादशी 2024 व्रत नियम

जया एकादशी व्रत के दौरान खास कुछ खास नियमों का पालन करना होता है। जया एकादशी का व्रत एकादशी तिथि से शुरू होकर द्वादशी के दिन पारण से पहले तक रखा जाता है। जया एकादशी का व्रत रखने वालों को इस दिन भोजन नहीं करना होता है। व्रती सुबह से शाम तक किसी भी प्रकार का अन्न और जल ग्रहण नहीं करते हैं। एकादशी व्रत के अगले दिन पारण से पहले तुलसी में जल देना जरूरी माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से व्रत का पूरा लाभ मिलता है।

जया एकादशी पूजा-विधि

जया एकादशी व्रत रखने वाले को इस दिन स्नान के बाद पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करना चाहिए।

पूजा स्थान पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखें। इसके बाद पूजा शुरू करें।

पूजा के समय भगवान विष्णु के ‘नारायण स्तोत्र’ का पाठ करना चाहिए। साथ ही विष्णु सहस्त्रनाम का का पाठ करें।

भगवान विष्णु को फूल, फल, नारियल, धूप-दीप इत्यादि अर्पित करें।

द्वदशी के दिन ब्राह्मण भोजन कराएं और उन्हें जनेऊ, सुपारी इत्यादि दें। इसके बाद भी व्रत का पारण करें।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

First published on: Jan 17, 2024 12:00 PM

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