Sunil Sharma
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Holashtak: फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से होलाष्टक आरंभ हो जाते हैं। इनका समापन होली के दिन होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन आठ दिनों में भक्त प्रहलाद को उसके पिता हिरण्यकश्यप ने विष्णु भक्ति छोड़ने के लिए अनेकों कष्ट दिए थे। परन्तु भगवान विष्णु ने प्रहलाद की रक्षा की और अंत में हिरण्यकश्यप का भी वध किया। इसी घटना के स्मरणस्वरूप होली का पर्व मनाया जाता है।
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पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि आज 27 फरवरी 2023 को सुबह 12.59 बजे आरंभ हो गई हैं। ऐसे में होलाष्टक भी आरंभ हो चुके हैं। अब इनका समापन होली अर्थात् 7 मार्च 2023 को पूर्णिमा के दिन होगा। तब तक समस्त धार्मिक व शुभ कार्यों पर रोक रहेगी। हालांकि इन दिनों में पूजा-पाठ व धार्मिक कर्मकांड अवश्य किए जा सकते हैं।
होलाष्टक के समय में “श्री राम जय राम जय जय राम” मंत्र का अधिकाधिक जप करें। इस मंत्र के जप से न केवल आपके सभी बिगड़े काम बन जाएंगे, वरन रोग, शोक और दुर्भाग्य भी दूर होते हैं। भगवान श्रीराम का यह महामंत्र व्यक्ति के दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदलने की ताकत रखता है।
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यदि आप अथाह धन संपदा पाना चाहते हैं तो होली के दिन पूर्णिमा पर लक्ष्मी-नारायण यज्ञ करवाएं। इस यज्ञ को करवाने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। इस प्रकार व्यक्ति को अनंत सौभाग्य और धन का वरदान मिलता है। साथ ही समस्त प्रकार के सुख भी उसे प्राप्त होते हैं।
होलाष्टक में भगवान शिव का प्रतिदिन गंगाजल और कच्चे दूध मिश्रित जल से अभिषेक करें। साथ ही मां पार्वती एवं गणेश जी की भी आराधना करें। इस उपाय से कॅरियर को एक झटके में ग्रोथ मिलने लगती है। और व्यक्ति का भाग्य रातोंरात चमक उठता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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