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ज्योतिष

मुस्लिमों के लिए हज है पाकिस्तान का हिंगलाज माता मंदिर, देवी सती से जुड़ी मान्यता

Hinglaj Mata Temple In Pakistan : पाकिस्तान में भी एक ऐसा मंदिर है, जो केवल हिन्दुओं के लिए ही नहीं बल्कि मुस्लिमों के लिए भी पूजनीय है। यहां पर देवी मां की पूजा के दौरान कई बार हिन्दू-मुस्लिमों को एक साथ खड़े देखा जा सकता है।

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Edited By : Pratyaksh Mishra Updated: Oct 21, 2023 14:09
Hinglaj Mata Temple

Hinglaj Mata Temple In Pakistan : देश में इन दिनों नवरात्री का सेलिब्रेशन मनाया जा रहा है। देश भर के मंदिरों के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। कई राज्यों में गरबा डांस का भी आयोजन किया जा रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी एक ऐसा मंदिर है, जो केवल हिन्दुओं के लिए ही नहीं बल्कि मुस्लिमों के लिए भी पूजनीय है। जी हां, हम बात कर रहे हैं 51 शक्तिपीठों में एक हिंगलाज मंदिर के बारे में, जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के लासबेला शहर में स्थित है।

भक्तों को लेनी होती हैं दो शपथ

बलूचिस्तान के हिंगलाज माता मंदिर में दर्शन के लिए भक्तो को दो शपथ लेनी पड़ती हैं। पहली शपथ के अनुसार, माता के दर्शन कर लौटने तक संन्यास धारण करना पड़ता है। वहीं दूसरी शपथ के मुताबिक कोई भी भक्त अपने साथ यात्रा कर रहे यात्री को पानी नहीं दे सकता।

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देवी सती से जुड़ी मान्यता

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हिंदू पौराणिक कथाओं की मान्यताओं के अनुसार, यही वो मंदिर है जहां पर देवी सती अपने पिता के अपमान से दुखी होकर अग्नि कुंड में समां गई थी, जिसके बाद भगवान शिव, सती के मृत शरीर को कंधे पर उठाकर पूरे ब्रह्माण्ड में क्रोध में नृत्य करने लगे थे। इसके बाद उनके क्रोध को शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने अपने चक्र से सती के 51 टुकड़े कर दिए थे। कहा जाता है कि ये टुकड़े पृथ्वी पर जहां-जहां गिरे, उन 51 स्थानों को देवी शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है।

हिंगलाज को हज मानते हैं मुस्लिम

हिंगलाज मंदिर में जाने वालों में केवल हिन्दू ही शामिल नहीं हैं, बल्कि पाकिस्तान के मुस्लिम लोग भी हिंगलाज मंदिर में शीश झुकाने के लिए जाते हैं। यहां पर देवी मां की पूजा के दौरान कई बार हिन्दू-मुस्लिमों को एक साथ खड़े देखा जा सकता है। बता दें कि जहां हिंदू हिंगलाज मंदिर को माता का पवित्र स्थान मानते हैं, वहीं मुस्लिम इसे ‘बीबी नानी पीर’ या ‘नानी का हज’ के नाम से मानते हैं।

First published on: Oct 21, 2023 02:09 PM

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