Gupt Navratri: इस समय माघ माह की गुप्त नवरात्रि चल रही है। इसका समापन 29 जनवरी 2023 (रविवार) को नवमी के साथ होगा। पंचांग के अनुसार इस दिन अष्टमी और नवमी दोनों ही तिथियां एक साथ आ रही हैं। ऐसे में इस दिन का महत्व बहुत अधिक बढ़ गया है।

ज्योतिषाचार्य पंडित रामदास के अनुसार भगवान शिव को अष्टमी तथा मां भगवती को नवमी का आधिष्ठात्रा माना गया है। इस तरह एक ही दिन में शिव और पार्वती दोनों की आराधना के लिए शुभ संयोग बन रहा है। यही नहीं, रविवार को पूरे दिन शुभ नामक योग भी बना रहेगा। इस तरह महादेव की पूजा करने पर अनन्य फल की प्राप्ति होगी।

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गुप्त नवरात्रि में ऐसे करें भगवान शिव की पूजा (Gupt Navratri and Shiv Puja)

नवमी के दिन सुबह जल्दी उठ कर स्नान करें। किसी शिव मंदिर में जाएं और मां पार्वती के साथ महादेव की पूजा का संकल्प करें। संकल्प लेने के बाद गणेश, शिव और पार्वती की पूजा करें। इसके बाद गंगाजल मिश्रित जल से विधिवत शिव का अभिषेक करें। साथ ही ॐ नम: शिवाय मंत्र का भी जप करते रहें। दिनभर व्रत रखें।

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शिवलिंग पर सफेद चंदन, सफेद पुष्प, सफेद मिठाई आदि अर्पित करें। देवी को लाल पुष्प, माला, लाल वस्त्र, आदि समर्पित करें। देवी भगवती के निमित्त ॐ नमश्चंडिकायै मंत्र का जप करें। इस तरह आपकी पूजा पूर्ण होगी। पूजा के बाद यथासंभव शिव नाम का जप तथा स्मरण करें। इस तरह आप जितना अधिक कर सकते हैं, करें। पूजा और जप के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीबों को कुछ दान-पुण्य अवश्य करें। इस प्रकार आपकी पूजा पूर्ण होगी।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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