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Gemstone Wearing Rules: कहीं आप भी तो नहीं पहनते हैं दूसरे की रत्न वाली अंगूठी, पड़ जाएंगे लेने के देने

Gemstone Wearing Rules: कुंडली के ग्रहों के आधार पर रत्न पहनना लाभ देता है, लेकिन इसके कुछ कड़े नियम होते हैं. कई लोग अनजाने में दूसरों की रत्न वाली अंगूठी पहनकर बड़ी गलती कर बैठते हैं. ऐसा करना ऊर्जा के संतुलन को बिगाड़ सकता है और नुकसान पहुंचा सकता है. आखिर क्यों दूसरों की रत्न अंगूठी पहनना जोखिम भरा माना जाता है? जानिए इसका असली कारण.

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Gemstone Wearing Rules: कुंडली में ग्रहों की स्थिति हमारे स्वभाव, भाग्य और जीवन की दिशा को प्रभावित करती है. इन्हीं ग्रहों के आधार पर ज्योतिष में रत्न पहनने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि सही रत्न हमारे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ नियमों का पालन बेहद जरूरी है. रत्नों को बिना सोचे-समझे पहनना या दूसरों की अंगूठी को ट्राई करना गंभीर नुकसान दे सकता है. आइए जानते हैं, दूसरे की रत्न वाली अंगूठी क्यों नहीं पहननी चाहिए?

दूसरे की रत्न वाली अंगूठी क्यों न पहनें?

कई लोग मज़ाक-मज़ाक में या सुंदर लगने के कारण किसी और की रत्न वाली अंगूठी पहनकर देख लेते हैं. यह साधारण बात लगती है, लेकिन ज्योतिष और रत्नशास्त्र के अनुसार यह बिल्कुल गलत है. हर रत्न एक खास ऊर्जा रखता है, जो पहनने वाले व्यक्ति के ग्रहों से सीधा संबंध बनाता है.

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जब कोई दूसरा व्यक्ति उस अंगूठी को पहनता है, तो वह ऊर्जा उससे जुड़ने लगती है. इससे रत्न की तरंगें विचलित हो जाती हैं और न तो मूल व्यक्ति को पूरा लाभ मिलता है और न ही दूसरे व्यक्ति को. उल्टा, दूसरे व्यक्ति को करियर, मानसिक शांति, रिश्तों और आर्थिक मामलों में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

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रत्न पहनने के बाद उतारना क्यों ठीक नहीं?

एक बार रत्न धारण करने के बाद इसे नियमित रूप से उतारना शुभ नहीं माना जाता. रत्न धीरे-धीरे अपनी ऊर्जा को शरीर के साथ सामंजस्य में लाता है. बार-बार उतारने से यह प्रक्रिया टूट जाती है. हां, साफ-सफाई या पूजा-अनुष्ठान के समय थोड़ी देर के लिए निकाला जा सकता है, लेकिन इसे आदत न बनाएं.

रत्न चुनते समय इन गलतियों से बचें

बहुत से लोग फैशन या आकर्षण में रत्न पहन लेते हैं, जो बिल्कुल भी सही तरीका नहीं है. गलत रत्न गलत ग्रहों को सक्रिय कर सकता है, जिससे जीवन में संघर्ष बढ़ सकता है. हमेशा योग्य ज्योतिषी से सलाह लेकर ही रत्न का चयन करें. ग्रहों की दशा, कुंडली की स्थिति और ऊर्जा संतुलन को ध्यान में रखकर ही सही रत्न की पहचान की जाती है.

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दूसरों का रत्न पहनने के नुकसान

रत्न की गलत ऊर्जा व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियाँ पैदा कर सकती है. इससे करियर में रुकावटें आने लगती हैं और महत्वपूर्ण अवसर हाथ से निकल सकते हैं. कई बार अचानक ऐसी समस्याएँ सामने आ जाती हैं, जिनका कारण समझ ही नहीं आता है. मानसिक तनाव बढ़ सकता है और निर्णय लेने की क्षमता भी प्रभावित होती है, जिसके कारण गलत फैसले होने की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा रिश्तों में भी दूरी आने लगती है और वातावरण अनावश्यक रूप से नकारात्मक महसूस होने लगता है. इसलिए कहा जाता है कि दूसरों की रत्न वाली अंगूठी पहनने भर से भी इन समस्याओं की शुरुआत हो सकती है, क्योंकि रत्न की ऊर्जा हर व्यक्ति के लिए अलग तरह से काम करती है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Nov 17, 2025 10:58 PM

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Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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