डायबिटीज के जिम्मेदार हैं ये 3 ग्रह, जानें मधुमेह कंट्रोल करने के ज्योतिषीय उपाय

Diabetes and Astrology: ज्योतिषाचार्यों ने डायबिटीज होने के लिए 3 ग्रहों को मुख्य तौर पर जिम्मेदार माना है। इन ग्रहों के ज्योतिषीय उपायों से डायबिटीज को कंट्रोल करने में सहायता मिल सकती है। आइए जानते हैं, डायबिटीज के जिम्मेदार ये 3 ग्रह कौन-से हैं और इसे कंट्रोल करने के ज्योतिषीय उपाय क्या हैं?

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Diabetes and Astrology: आज की भाग-दौड़ और तनाव भरे लाइफस्टाइल में लोगों को कई स्वास्थ्य समस्याओं और रोगों ने जकड़ रखा है। डायबिटीज एक ऐसी ही लाइफस्टाइल से जुड़ी हेल्थ प्रॉब्लम है, जो आज कम उम्र के लोगों को भी परेशान कर रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, डायबिटीज सबसे अधिक होने की संभावना उन्हें होती है, जिनकी कुंडली के 3 ग्रह कमजोर होते हैं। आइए जानते हैं, ये 3 ग्रह कौन-से हैं और डायबिटीज को कंट्रोल करने के ज्योतिष उपाय क्या हैं?

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ये 3 ग्रह हैं डायबिटीज के जिम्मेदार

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कुंडली में मुख्य रूप से 3 ग्रहों के निर्बली यानी कमजोर, पीड़ित या दूषित होने से डायबिटीज होने की प्रबल संभावना होती है। ये ग्रह हैं- बृहस्पति, मंगल और चंद्रमा। जब ये ग्रह कुंडली के 6ठे और आठवें भाव में होते हैं, नीच के होते हैं, किसी अशुभ ग्रह से पीड़ित होते हैं, तो निर्बली यानी कमजोर और दूषित हो जाते हैं।

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बृहस्पति मीठी वस्तुओं और पाचन संबंधी प्रक्रिया के नियंत्रक ग्रह हैं। इनके कमजोर होने से रक्त में शर्करा यानी शुगर बढ़ने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। वहीं, रक्त की शुद्धि या अशुद्धि के लिए मंगल ग्रह मुख्य तौर पर जिम्मेदार होते हैं। जबकि चंद्रमा को मानसिक तनाव और तंत्रिका तंत्र को कट्रोल करने के लिए उत्तरदायी माना गया है। तनाव एक ऐसी समस्या है, जो डायबिटीज सहित अधिकांश रोग होने की आशंका को बढ़ाने के जिम्म्मेदार बताया गया है। बता दें, डायबिटीज होने में शनि, बुध और राहु-केतु का भी आंशिक योगदान होता है।

डायबिटीज कंट्रोल करने के ज्योतिषीय उपाय

  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुरु ग्रह बृहस्पति को मजबूत करने के लिए हल्दी और अन्य पीले मसालों का सेवन अधिक करें। इस ग्रह की मजबूती के लिए पुखराज रत्न धारण करें। गुरुवार का व्रत रखें। गुरुवार को पीले वस्त्र, गुड़ और चने का दान भी काफी फायदेमंद माना जाता है।
  • मंगल ग्रह की मजबूती के लिए मूंगा धारण करें, मंगलवार का व्रत रखें। तांबे के बर्तन में भोजन पकाएं और तांबे के बर्तन में पानी पीएं। लाल रंग के वस्त्र अधिक से अधिक पहनें।
  • चंद्रमा की मजबूती के लिए मोती धारण करें, सोमवार का व्रत रखें। प्रतिदिन सुबह चांदी के लोटे से सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
  • किसी रोग से रिकवरी या मुक्ति के लिए सूर्यदेव का प्रसन्न होना आवश्यक हैं। उन्हें खुश करने के लिए उन्हें रविवार को अर्घ्य दें।

इन सब उपायों के साथ नियमित व्यायाम, योग और ध्यान के अभ्यास से ब्लड में ग्लूकोज लेवल को संतुलित करने में मदद मिलती है और तनाव कम होता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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