Benefits of Tilak: सनातन धर्म में देवी-देवता हों या मनुष्य चंदन सबसे लिए अनिवार्य है। यह पूजा-पद्धति और दिनचर्या का भी अभिन्न अंग है। कहते हैं कि तिलक लगाने का धार्मिक के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक आधार भी है। चूंकि सनातन धर्म में कोई कार्य बिना किसी उद्देश्य के नहीं किया जाता है। तिलक लगाने से शरीर के 7 चक्र सक्रिय रहते हैं। जिसके किसी कार्य के लिए निर्णय लेने की क्षमता में विकास होता है। इसके अलावा भी तिलक लगाने के कई फायदे हैं। आइए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं कि तिलक लगाने के क्या-क्या नियम और फायदे क्या हैं? साथ ही तिलक लगाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
किस ग्रह को मजबूत करने के लिए कौन सा तिलक लगाएं
सूर्य को मजबूत करने के लिए अनामिका उंगली के लाल रंग के तिलक माथे पर लगाना चाहिए। चंद्रमा को मजबूत करने के लिए कनिष्ठिका उंगली से सफेद चंदन का तिलक लगाना चाहिए। मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए अमानिका उंगली से कुमकुम का तिलक लगाना चाहिए। हनुमानजी के चरणों में जो तिलक लगा हुआ है उसे उठाकर मस्तक पर लगाना चाहिए। बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए भी अनामिका उंगली से अष्टगंध का तिलक माथे पर लगाना चाहिए। गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए तर्जनी उंगली से केसर का तिलक मस्तक पर लगाना चाहिए। शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए अनामिक उंगली से अक्षत और कुमकुम का तिलक लगाएं। इसके अलावा शनि-राहु और केतु को मजबूत करने के लिए अपनी तीन उंगलियों से भस्म लगाना चाहिए।
तिलक लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान
सबसे पहले तिलक अपने ईष्टदेव को लगाना चाहिए। अगर गुरु की तस्वीर आपके पूजा स्थान पर है तो उन्हें लगाना चाहिए। वहीं अगर आप पूजा स्थान पर नहीं बैठे हैं तो आपको अपने ईष्ट देव को तिलक लगाने के बाद अपने गुरु को तिलक लगाना चाहिए। फिर पिता को तिलक लगाना चाहिए और इसके बाद अपने माथे पर तिलक लगाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।