Russia-Ukrain War Zaporizhzhia Nuclear Power Plant Fire: यूरोप के सबसे बड़े परमाणु प्लांट में अचानक आग लग गई। इस घटना से पूरे यूरोप में अफरा-तफरी मच गई है। दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन में मौजूद जेपोरिजिया परमाणु प्लांट में आग लगने की खबर ने सभी के होश उड़ा दिए हैं। इस परमाणु प्लांट में आग कैसे लगी? हर कोई इस सवाल का जवाब ढूंढने में लगा है। मगर इसी बीच रूस और यूक्रेन ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। दोनों देश इस आग के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
रूस के कब्जे में है जेपोरिजिया परमाणु प्लांट
बता दें कि यूक्रेन पर हमला करने के बाद से ही जेपोरिजिया परमाणु प्लांट रूस के कब्जे में है। रूसी सैनिक इस प्लांट पर नजर रख रहे हैं। इसी बीच यूक्रेन ने रूस को इस हादसे का दोषी बताया है तो वहीं रूस यूक्रेन पर इसका आरोप लगा रहा है। जेपोरिजिया परमाणु प्लांट में मौजूद रूस के गवर्नर येवगेनी बालित्स्की का कहना है कि यूक्रेन की सेना ने एनर्जोडार शहर पर जमकर गोलाबारी की, जिसकी वजह से परमाणु प्लांट के कूलिंग सिस्टम में आ लग गई।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने शेयर किया वीडियो
हालांकि यूक्रेन ने रूस के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि रूस ने खुद इस परमाणु प्लांट में आग लगाई है और इसका सारा इल्जाम यूक्रेन के सिर डाल दिया है। हालांकि रेडिएशन लेवल अभी सामान्य स्तर पर है। इसलिए घबराने की बात नहीं है।
6 कूलिंग सिस्टम बंद
येवगेनी बालित्स्की के अनुसार परमाणु प्लांट के सभी छह कूलिंग सिस्टम को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है। इसकी कड़ी निगरानी की जा रही है। इस प्लांट में विस्फोट का कोई खतरा नहीं है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
IAEA के कर्मचारी तैनात
बता दें जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में जेपोरिजिया प्लांट से काला धुआं उठते हुए साफ देखा जा सकता है। ये परमाणु प्लांट निप्रो नदी के पूर्वी तट पर मौजूद है। नदी का पश्चिमी तट यूक्रेन के पास है तो पूर्वी तट पर रूस का कब्जा है। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संस्था (IAEA) के कर्मचारी भी जेपोरिजिया प्लांट में तौनात हैं। उन्होंने दोनों देशों को संयम बरतने की सलाह दी है।