दादा-दादी थे बंधुआ मजदूर, पोती ने जीता नोबेल शांति पुरस्कार; जानें कौन हैं भारतीय मूल की नवनेथम 'नवी' पिल्लई

भारतीय मूल की नवनेथेम ‘नवी’ पिल्लई को आज यानी 9 अक्तूबर 2026 को नोबेल शांति पुरस्कार देने का ऐलान कर दिया गया है. यह सम्मान उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के प्रयासो के लिए दिया जाएगा.

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भारतीय मूल की नवनेथम ‘नवी’ पिल्लई (Navanethem Navi Pillay) को साल 2026 के लिए नोबेल कमेटी ने नोबेल शांति पुरस्कार देने का ऐलान कर दिया है. नावी को यह सम्मान देने की घोषणा नोबेल पुरस्कार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर कर दिया है. नावी पिल्लई को यह सम्मान शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों को देखते हुए किया गया है. 

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कौन हैं नवनेथम ‘नवी’ पिल्लई?

नवनेथम नावी पिल्लई भारतीय मूल की है. नावी का जन्म दक्षिण अफ्रीका के डरबन में  हुआ था. पिल्लाई का जन्म उस दौर में हुआ था, जब रंगभेद किया जाता था. भारतीय तमिल मूल के परिवार में नावी पिल्लई का जन्म हुआ था. बता दें कि नावी एक एक वकील हैं, जिन्हें हमेशा भेदभाव के कारण बहिष्कार का भी सामना करना पड़ा था.

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आपको बता दें कि नवनेथम ‘नवी’ पिल्लई को लेकर नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी के चेयरमैन जोर्गेन वाट्ने फ्राइडनेस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और शांति कानून को बढ़ावा देने के लिए पिल्लाई की कोशिशों को सम्मानित किया जाएगा. बता दें कि यह सम्मान दुनिया का सबसे पॉपुलर पुरस्कार माना जाता है. यह नोबेल शांति पुरस्कार की 125वीं सालगिरह है.

कब हुआ था नवी पिल्लई का जन्म?

नवी पिल्लई का जन्म विकिपीडिया के अनुसार 23 सितंबर 1941 में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में हुआ था, जो एक गरीब इलाका था और इसी इलाके में नरैनसामी नायडू और संथामा नायडू के घर मौजूद था. बता दें कि साल 1890 के दौरान नवी पिल्लई के दादा-दादी भारत से बंधुआ मजदूर के तौर पर दक्षिण अफ्रीका के चीनी बागानों में काम करने के लिए लाए गए थे.

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