नेपाल में बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने नदी के आस-पास रहने वाले गांवों और शहरों को तहस-नहस कर दिया. सोशल मीडिया पर नेपाल से कई भयावह तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं. पीड़ितों को बचाने का काम जारी है, इस बीच मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है. अब तक 359 लोगों के मारे जाने की खबर है. संकट की इस घड़ी में बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए नेपाल की बालेन शाह सरकार ने ‘वन-डोर पॉलिसी’ लॉन्च की है, जिसके तहत हर घर तक मदद पहुंचाने की कोशिश की जाएगी.
क्या है ‘वन-डोर पॉलिसी’?
नेपाल सरकार के मुताबिक इस पॉलिसी का मकसद देश और विदेश से मिलने वाली आर्थिक मदद और राहत सामग्री को एक तय सरकारी व्यवस्था के जरिए जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है. बालेन शाह सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से राहत वितरण में पारदर्शिता बनी रहेगी और आर्थिक अनियमितताओं पर भी रोक लगाई जा सकेगी. इसके तहत प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में राशि या राहत सामग्री के रूप में सहायता देने वाले मददगारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को निर्धारित सरकारी माध्यम का ही इस्तेमाल करना होगा. प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसके लिए स्पेशल सेंटर और अधिकारियों की व्यवस्था की है.
यह भी पढ़ें: नेपाल में ‘जल प्रलय’ के बाद क्या है स्थिति? तस्वीरों में देखें तबाही का मंजर, पलभर में खत्म हो गया सबकुछ
राहत सामग्री दान करने के लिए बनाए गए तीन सेंटर
नेपाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि मदद करने वाले लोग सिर्फ नकद ही नहीं, बल्कि जरूरी सामान भी दान कर सकते हैं. इसके लिए तीन प्रमुख सेंटर बनाए गए हैं. अंतरराष्ट्रीय राहत सामग्री एयर कार्गो के जरिए काठमांडू स्थित त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के गोदाम में भेजी जा सकती है. घरेलू राहत सामग्री के लिए नुवाकोट क्षेत्र में बट्टार स्थित नेपाली सेना की मैथिली बैरक और धाडिंग क्षेत्र के लिए बैरेनी बैरक को केंद्र बनाया गया है. सरकार ने निजी तौर पर चंदा इकट्ठा करने पर भी रोक लगा दी है.
घर-घर तक कैसे पहुंचेगी मदद?
सरकार ने राहत सामग्री के वितरण के लिए स्पेशल सिस्टम तैयार किया है. इसमें नागरिक प्रशासन के साथ नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और स्थानीय और प्रांतीय सरकारों को शामिल किया गया है. इसका उद्देश्य राहत सामग्री को जरूरत के हिसाब से प्रभावित इलाकों तक पहुंचाना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पीड़ित सहायता से वंचित न रहे.
यह भी पढ़ें: बाढ़ की चेतावनी देता चीन तो नेपाल में कम होता जान-माल का नुकसान? ड्रैगन के डैम पर उठ रही उंगली
संबंधित खबरें
मुंबई में जन्मीं असरा नोमानी कैसे बनीं US की चर्चित लेखक, किया बड़ा दावा
7 hrs agoक्या फ्रांस के बाद भारत अगला टारगेट? US पत्रकार के चौंकाने वाले खुलासे
8 hrs agoहूती हमलों के बाद कहां हैं सऊदी के क्राउन प्रिंस? रक्तदान के बाद से गायब
11 hrs agoपनामा में फिर कांपी धरती, 6.0 तीव्रता के तेज भूकंप से लोगों में दहशत
12 hrs agoLIVE: संघर्ष में हम सभी साथ हैं, प्रदर्शन जारी रहेगा- राहुल गांधी
12 hrs agoहूती हमलों के बाद 17 अक्टूबर तक बंद रहेगा सऊदी अरब का रियाद एयरपोर्ट
20 hrs agoजम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में LoC के पास IED ब्लास्ट, 4 आतंकी ढेर
22 hrs agoसऊदी और हूती विद्रोहियों के बीच सुलह कराएगा ईरान? तेहरान ने दिए अहम संकेत
1 day agoअर्थशास्त्र में रॉबर्ट हॉल और माइकल वुडफोर्ड को मिला नोबेल पुरस्कार
1 day agoअल नीनो ने रेगिस्तान में खिला दिए फूल, जानें- कैसे बदल रहा दुनियाभर का मौसम
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines