---विज्ञापन---

दुनिया angle-right

Charles Osborne को जानते हैं? लगातार 68 साल तक आती रहीं हिचकियां, गिनीज बुक में दर्ज है नाम

Charles Osborn Life Story: यूएसए के रहने वाले चार्ल्स ओसबोर्न के बारे में शायद ही आप जानते हों। लेकिन वे एक खास कारण से चर्चा में रहते हैं। हालांकि उनकी मौत सालों पहले हो चुकी है, लेकिन उनके दोस्त बचपन की यादों को शेयर किए बिना नहीं रह पाते। उनके बचपन के दोस्त ने उनसे जुड़ा किस्सा फिर शेयर किया है।

---विज्ञापन---

Charles Osborn: अमेरिका के एंथोन, आयोवा में रहने वाले केवर्न कोस्कोविच अपने दोस्त और अजीब कारण से चर्चा में रहने वाले चार्ल्स ओसबोर्न के बारे में बताते हैं। वे कहते हैं कि चार्ल्स उनके साथ ही बचपन में सड़क किनारे रखी एक बेंच पर बैठते थे। कोस्कोविच अब 73 साल के हो चुके हैं। वे बताते हैं कि 13 जून 1922 को उनके साथ एक दुर्घटना हुई थी। जिसके बाद वो आदमी 68 साल तक लगातार हिचकियां लेता रहा।

---विज्ञापन---

माना जाता है कि उसने अपने जीवन में लगभग 430 मिलियन (35,90,54,94,500) बार हिचकी ली थी। जिसके बाद उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया था। वे बताते हैं कि उनको एक मिनट में लगभग 40 बार हिचकियां आती थीं। बाद में जागते समय हिचकियां आधी हो गई थीं। उनको 20 बार हिचकी आने लगी थी। जो सोते समय लगभग बंद हो गईं। आश्चर्य की बात है, लेकिन चार्ल्स ने समय के साथ सांस लेते समय हिचकियों को दबाने की कला सीख ली थी। 50 साल की उम्र में उनको ये कला मेयो के एक क्लीनिक में सिखाई गई थी। यही नहीं, बोलते समय भी वे अपनी हिचकियों को दबा जाते थे।

यह भी पढ़ें: कुत्तों को कलर कर बना दिया पांडा! नई प्रजाति बताकर पैसे वसूल रहा था चीन का चिड़ियाघर

---विज्ञापन---

केवर्न कोस्कोविच बताते हैं कि 1922 की बात है, हिचकियां ओसबोर्न को एक सुअर का वजन तोलने के बाद शुरू हुई थीं। सुअर का वजन 158 किलो था। जिसको उठाने के चक्कर में वे फर्श पर गिर गए थे। इसके बाद उनकी जिंदगी में कभी न रुकने वालीं हिचकियां शुरू हो गई थीं। अपना इलाज करवाने के लिए उन्होंने देश का कोना-कोना खंगाल दिया था। लेकिन कहीं से भी राहत नहीं मिली। काफी पैसा खर्च करने के बाद उन्होंने हार मान ली। 1987 में उनका मामला प्रमुख अखबारों में भी छपा था। इसके बाद लोगों ने सहानुभूति के तौर पर चार्ल्स को 4 हजार से अधिक लेटर लिखे थे। लेकिन इस सबके बावजूद हिचकियां बंद नहीं हो सकीं। उनका रूटीन सामान्य था। वे सुबह 8 बजे उठकर सैर करते थे। दिन में दोस्तों के साथ ताश खेलते थे।

जब मजाक में दोस्त ने पीछे से की थी फायरिंग

केवर्न कोस्कोविच बताते हैं कि एक बार की बात है। उनके दोस्त ने मजाक में हिचकियां रोकने के लिए उन पर फायरिंग कर दी थी। लेकिन डरने के बाद भी उनकी हिचकियां नहीं रुकीं। चार्ल्स ने दो शादियां की थीं, उनके 8 बच्चे थे। पहली शादी के बाद ये बीमारी उनको लगी थी। लेकिन फिर भी उन्होंने सामान्य जीवन व्यतीत किया। उनकी आजीविका कृषि और पशुओं की खरीद पर थी। हिचकी आने का कारण डॉक्टरों ने उनको बताया था। गिरने के कारण उनके मस्तिष्क की पिन साइज की रक्त वाहिका टूट गई थी। जिससे लगातार हिचकियां शुरू हो गई। कुछ साल तक उन्होंने ध्यान नहीं दिया। लेकिन बाद में बीमारी लाइलाज हो गई। चार्ल्स का जन्म 1894 में हुआ था। मृत्य मई 1991 में 97 साल की आयु में हुई थी।

First published on: May 07, 2024 06:20 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola