मिडटर्म चुनाव 2026 में शिकस्त की भड़ास अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर निकाली है. क्योंकि अमेरिका की ट्रंप सरकार ने ईरान की मदद करने का आरोप लगाते हुए भारतीय कपल और भारत-तुर्की की करीब 9 कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने प्रतिबंधों की घोषणा की और चेतावनी दी कि ईरान की तेल व्यापार से जुड़ी मदद स्वीकार नहीं करेंगे. कंपनियां या तो अमेरिकी की तरफ हो जाएं या ईरान की तरफ हो जाएं. ट्रंप सरकार ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट के तहत प्रतिबंध लगाकर ईरान की तेल बेचने की क्षमता को तोड़ रही है, ताकि ईरान को अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध के लिए फंड न मिले. अगर भारत, तुकिये और दोनों देशों के लोग ईरान की मदद करते रहे तो हर बार उन्हें अमेरिका के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा.
अमेरिका ने किस-किस पर प्रतिबंध लगाए?
बता दें कि अमेरिका ने भारतीय निवासी सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद पर प्रतिबंध लगाए हैं. दंपति के बिजनेस को संभालने वाले 2 अन्य भारतीय नागरिकों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं. सुनील शर्मा के बिजनेस की 9 अलग-अलग कंपनियों को प्रतिबंधित किया गया है. इन सभी पर ईरान के शैडो फ्लीट को समर्थन देने का आरोप है. सुनील शर्मा ने अपनी कंपनी के जरिए ईरान के तेल व्यापार में शामिल प्रतिबंधित समुद्री जहाजों को फर्जी झंडे और प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए हैं. प्रतिबंधित जहाजों में ईरानी सेना और उसके प्रतिनिधियों (प्रॉक्सी) के लिए काम करने वाले समुद्री जहाज भी शामिल हैं. फर्जी झंडे और प्रमाण-पत्र के जरिए वे अवैध गतिविधियां करते हैं और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एवं पर्यावरण नियमों के तहत कार्रवाई से बच निकलते हैं. इन जहाजों के पास इंश्योरेंस भी नहीं होता.
देशों को अरबों का नुकसान होने का दावा
अमेरिका की ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के अनुसार, सुनील शर्मा के जरिए ईरान के प्रतिबंधित जहाज उन देशों की अर्थव्यवस्थाओं को अरबों डॉलर का नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिनके समुद्री क्षेत्रों में वे आते-जाते हैं. तुर्किये की फ्यूगो ग्राउंड सर्विसेज इंक पर भी इसी वजह से प्रतिबंध लगाया है. तुकिये की यह कंपनी ईरान के प्रतिबंधित एविएशन सेटर को समर्थन दे रही है. लेकिन अमेरिका की ट्रंप सरकार ईरान को किसी भी तरह का समर्थन बर्दाश्त नहीं करेगी और समर्थन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी. ईरान को समर्थन चाहे जमीन के रास्ते दिया जाए या समुद्र-हवा के रास्ते, प्रतिबंध लगाए जाएंगे. ऑब्सीडियन रिस्क एडवाइजर्स के मैनेजिंग प्रिंसिपल ब्रेट एरिक्सन के अनुसार, मिडटर्म चुनाव में ट्रंप सरकार को करारी हार मिली, बावजूद इसके ट्रंप सरकार ईरान के खिलाफ अपनी आर्थिक जंग को और तेज कर रहा है.
चंडीगढ़ निवासी है प्रतिबंधित हुआ कपल
अमेरिका के आरोप हैं कि भारत के केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ निवासी सुनील शर्मा और शाहिद ने गुयाना, एस्वातिनी और लाओस देशों का प्रतिनिधि होने का झूठा दावा किया. इन देशों के नाम पर फर्जी झंडे और प्रमाण-पत्र जारी किए. वेब डोमेन खरीदे और ईरान समेत कई देशों की सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा लोगों से किया. फर्जी फ्लैगिंग रजिस्ट्री बनाने के लिए भारत में अपनी कंपनियों का नेटवर्क खड़ा किया. इन कंपनियों पर भी अमेरिका की ट्रंप सरकार ने प्रतिबंध लगा दिए हैं. तुर्किये की कंपनी फ्यूगो ग्राउंड सर्विसेज ने अमेरिका से प्रतिबंधित ईरान की बड़ी एयरलाइनंस को ग्राउंड हैंडलिंग और अन्य सेवाएं प्रदान कीं. इस एयरलाइंस के विमान तुर्किये के लिए उड़ानें भरते रहे और अमेरिकी की आंखों में धूल झोंकते रहे. इन एयरलाइंस में ईरान एयर टूर, साहा एयरलाइंस, तबान एयरलाइंस और अता एयरलाइंस शामिल हैं.