US India Trade Deal: भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील हो चुकी है. अमेरिका ने भारत पर लगा 50 प्रतिशत टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-अमेरिका के नए व्यापार समझौते को जहां यूक्रेन-रूस की जंग खत्म कराने और विश्व में शांति स्थापना की दिशा में प्रयास बताया. वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने भी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले को मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट के लिए फायदेमंद बताया. अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों के लिए शानदार मौका कहा.
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तीनों देशों पर भारत से ज्यादा टैरिफ
दूसरी ओर, अब भारत ने तो ऑयल ट्रेड डील करके अमेरिका से अपना टैरिफ कम करा लिया, लेकिन भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन को अब तक कोई फायदा नहीं हुआ है. तीनों पर लगा टैरिफ अब भारत पर लगे टैरिफ से ज्यादा है. बता दें कि अमेरिका ने चीन पर 37 प्रतिशत, बांग्लादेश पर 20 प्रतिशत और पाकिस्तान पर 19 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआ है. वहीं इन तीनों देशों की अभी तक अमेरिका के साथ कोई ट्रेड डील भी नहीं हुई है.
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टैरिफ कम होने से सस्ते होंगे उत्पाद
बता दें कि अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ के कारण भारत अपने उत्पादों को अमेरिका के बाजार के बेच नहीं पा रहा था और इस वजह से उन उत्पादों के दाम भारत में भी बढ़ गए थे, लेकिन अब टैरिफ कम होने से भारतीय उत्पादों का निर्यात अमेरिका को किया जा सकता है और उम्मीद है कि इस बार पहले से ज्यादा निर्यात होगा. वहीं भारतीय कंपनियों को अमेरिका में अपने ऑफिस, फैक्ट्रियां और प्लांट खोलने का मौका मिलेगा. कुल मिलाकर अब नुकसान नहीं होगा.
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अमेरिका-वेनेजुएला से खरीदेंगे तेल
बता दें कि 18 प्रतिशत टैरिफ का आदेश कब से लागू होगा, यह फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन नए व्यापार समझौते के तहत भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा, बल्कि अमेरिका और वेनेजुएला से तेल की खरीद करेगा. जनवरी 2026 में भारत ने रूस से तेल का आयात घटाकर 12 लाख बैरल प्रतिदिन कर दिया था और अब यह आयात बिल्कुल शून्य हो सकता है. प्रधानमंत्री मोदी के इसी फैसले का फायदा हुआ कि अमेरिका ने टैरिफ घटाकर 50 से 18 कर दिया.