---विज्ञापन---

दुनिया angle-right

रात को 2 चांद देखने को तैयार रहें! 2500 मील रफ्तार, 138 फीट साइज…Asteroid के बारे में 9 बड़े अपडेट

Mini Moon Latest Updates: अंतरिक्ष की दुनिया में दुर्लभ खगोलीय घटना होने वाली है, जिसके चलते हर रोज रात को 2 मिनी मून नजर आएंगे। दूसरे मून को लोग सिर्फ टेलीस्कोप से ही देख सकेंगे। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...

---विज्ञापन---

Earth Mini Moon Asteroid 2024 PT5: दुनिया अभी तक एक ही चांद का दीदार करती आई है, लेकिन अब अंतरिक्ष की दुनिया में अपने आप में बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसके चलते लोगों को मिनी मून भी नजर आएगा और करीब 2 महीने तक लोग इसे हर रोज रात को देख सकेंगे।

मिनी मून इतना छोटा है कि इसे सीधे नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकेगा, लेकिन स्पेशल टेलीस्कोप से ही लोग इसे देख सकते हैं। फिलहाल यह मिनी मून चांद की तरह धरती की परिक्रमा कर रहा है और अगले 2 महीने तक परिक्रमा करता रहेगा, उसके बाद यह सूर्य की कक्षा में चला जाएगा। आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं…

---विज्ञापन---

 

---विज्ञापन---

1. मिनी मूनी वास्तव में एक एस्ट्रॉयड है, जिसका नाम 2024 PT5 है। इसका साइज 10 फीट से 138 फीट के बीच हो सकता है।

2. 9 सितंबर से एस्ट्रॉयड धरती के ऑर्बिट में घूम रहा है और 25 नवंबर तक यह इसी में घूमता रहेगा। इसकी स्पीड इतनी स्लो है कि अगले 2 महीने में यह धरती का एक ही चक्कर लगा पाएगा।

---विज्ञापन---

3. एस्ट्रॉयड 2024 PT5 की खोज 7 अगस्त 2024 को एस्ट्रॉयड टेरेस्ट्रियल-इम्पैक्ट लास्ट अलर्ट सिस्टम (ATLAS) ने की थी। स्पेन के यूनिवर्सिडैड कॉम्प्लूटेंस डी मैड्रिड के रिसर्चर कार्लोस और राउल डे ला फूएंते मार्कोस ने अपने रिसर्च पेपर में इसका जिक्र किया।

4. 25 नवबंर 2024 को धरती की ग्रैविटी से निकलकर मिनी मून सूर्य की कक्षा में एंट्री करेगी। 9 जनवरी 2025 को वहां से निकलकर अंतरिक्ष में गुम हो जाएगा और फिर साल 2055 और साल 2084 में धरती के ऑर्बिट में आ जाएगा। साल 1981 और 2022 में भी धरती को 2022NX1 नामक मिनी मूल मिला था।

---विज्ञापन---

5. अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के रिसर्च नोट्स के अनुसार, यह एस्ट्रॉयड घोड़े की नाल के आकर में नजर आएगा। इसके धरती से टकराने के आसार नहीं हैं, क्योंकि यह धरती से 2.6 मिलियन मील दूर परिक्रमा कर रहा है। यह दूसरी धरती और चंद्रमा के बीच की दूरी से 10 गुना ज्यादा है।

6. रिसर्च पेपर के अनुसार, एस्ट्रॉयड की क्वालिटीज अर्जुन एस्ट्रॉयड बेल्ट से मिलते जुलते हैं। अर्जुन एस्ट्रॉयड ग्रुप का नाम हिंदू महाकाव्य महाभारत के कैरेकटर अर्जुन के नाम पर रखा गया है। इसलिए एस्ट्रॉयड का महाभारत से खास कनेक्शन बताया जा रहा है।

---विज्ञापन---

7. अर्जुन एस्ट्रॉयड ग्रुप नाम को अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) से मान्यता मिली हुई है और इस ग्रुप के एस्ट्रॉयड धरती के करीब 2.8 मिलियन मील (4.5 मिलियन किलोमीटर) पास आ सकते हैं। इनकी स्पीड 2200 मील प्रति घंटा (3540 किलोमीटर/घंटा) हो सकती है।

8. एस्ट्रॉयड 2024 PT5 के धरती के ऑर्बिट में आने की घटना बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना है। यह एस्ट्रॉयड इसलिए धरती के ऑर्बिट में आया, क्योंकि यह धरती के पास से गुजरते समय इसकी ग्रैविटी से बच नहीं पाया। इन एस्ट्रॉयड को ही मिनी मून कहा जाता है।

---विज्ञापन---

9. हार्वर्ड और स्मिथसोनियन की एस्टेरॉयड रिसर्चर फेडेरिका स्पोटो का कहना है कि 2024 PT5 से उन अंतरिक्ष के एस्टेरॉयड के बारे में जानकारी मिलेगी, जिनमें वे भी शामिल हैं जो कभी-कभी पृथ्वी से टकराती हैं।

First published on: Sep 23, 2024 09:16 AM

End of Article

About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola