अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन जंग को खत्म करवाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने मंगलवार को रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों को रोकने पर बात हुई। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार पुतिन से उनकी सकारात्मक बातचीत हुई है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुतिन ने बातचीत के लिए फोन पर अमेरिकी राष्ट्रपति को एक घंटे तक इंतजार करवाया। इसे डोनाल्ड ट्रंप के अपमान के तौर पर देखा जा रहा है।
रूसी राष्ट्रपति ने ट्रंप को इंतजार करवाने के बाद यूक्रेन के ऊर्जा संसाधनों पर सीमित हमले करने पर सहमति जाहिर की है। सूत्रों के मुताबिक जब ट्रंप ने उनको फोन किया, तब पुतिन राजधानी मॉस्को में उद्योगपतियों के साथ वार्षिक कार्यक्रम में थे। ट्रंप की पुतिन के साथ रूसी समयानुसार शाम 4 से 6 बजे की बीच बात होनी थी। यूएस की ओर से 4 बजे फोन किया गया तो कार्यक्रम में मौजूद पुतिन को इस बारे में जानकारी दी गई।
वीडियो हो रहा वायरल
द सन की रिपोर्ट के अनुसार पुतिन को उद्यमियों के संघ के प्रमुख अलेक्जेंडर शोखिन ने समय को लेकर ध्यान दिलाया। शोखिन ने बताया कि क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने घोषणा की है कि मॉस्को समयानुसार शाम के 4 बज चुके हैं। अब पुतिन को ट्रंप के साथ कॉल पर बात करनी है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि पुतिन क्रेमलिन जाने के बजाय मजाक में बात करके मामला टाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी (डोनाल्ड ट्रंप) बात मत सुनो, यह उनका काम है, इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद दर्शक हंसे बिना नहीं रह सके। पुतिन को पूर्व उप प्रधानमंत्री शोखिन ने जवाब दिया कि अब हमें यह देखना होगा कि ट्रंप इस बारे में क्या कहते हैं? पुतिन ने मुस्कुराते हुए कहा कि मैंने ट्रंप का जिक्र नहीं किया। मैं पेसकोव के बारे में बात कर रहा था।
5 बजे क्रेमलिन पहुंचे पुतिन
इसके बाद पुतिन करीब 5 बजे क्रेमलिन पहुंचे, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस मामले में यूजर्स के सोशल मीडिया पर भी रिएक्शन सामने आ रहे हैं। एक X (पूर्व में ट्विटर) यूजर ने लिखा है कि नेताओं को इंतजार कराना पुतिन की पुरानी रणनीति रही है, लेकिन इस बार उन्होंने हदें पार कर दीं। दूसरे यूजर ने लिखा है कि पुतिन ट्रंप को नजरअंदाज कर रहे हैं, यह उनका अपमान है। कुछ लोग इसे पुतिन की रणनीतिक चाल भी बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि पुतिन ट्रंप को अपनी शर्तों पर चला रहे हैं, जबकि सीजफायर का उनका कोई इरादा नहीं लगता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप के साथ पुतिन बिना शर्त युद्धविराम के लिए तुरंत सहमत नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मॉस्को 30 दिनों के लिए यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले नहीं करेगा। उधर, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक क्रेमलिन के बयान के ठीक एक घंटे बाद ही रूस ने यूक्रेनी शहर स्लोव्यास्क पर हमला किया, जिससे बिजली गुल हो गई।