Imran Khan Case: पाकिस्तान में राजनीतिक संकट और बयानबाजी का दौर जारी है। बुधवार को पूर्व पीएम इमरान खान ने सिलसिलेवार कई ट्वीट किया। एक ट्वीट में उन्होंने यह दावा किया कि 'हो सकता है कि ये उनका आखिरी ट्वीट हो।' इमरान ने कहा कि 9 मई की हिंसा मुझे और मेरी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को बदनाम करने की साजिश है। पार्टी नेताओं को पीटीआई छोड़ने के लिए डराया-धमकाया जा रहा है। इसके पीछे जो लोग हैं, क्या उन्हें पता है कि पाकिस्तान के साथ क्या हो रहा है? यह सबकुछ पीटीआई पर प्रतिबंध लगाने की साजिश है। इमरान खान ने 9 मई को हुई हिंसा की जांच के लिए न्यायिक आयोग की मांग की है।
इमरान खान ने कहा कि हम न्यायिक आयोग के गठन की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। लाहौर में जिन्ना हाउस में जो हुआ उस पर पंजाब आईजी को बुलाया जाना चाहिए। अगर इसकी सही तरीके से जांच की जाए तो यह खुलासा हो जाएगा कि एक राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगाने की इस साजिश के पीछे कौन है?
https://twitter.com/PTIofficial/status/1658832962983477250?s=20
सर्च वारंट लेकर आओ, मेरी भी जान को खतरा
इमरान खान ने कहा कि सरकार ने कहा है कि आतंकवादी जमां पार्क में पनाह लिए हुए हैं। यदि आतंकी छिपे हैं तो मुझे भी खतरा है। एक सर्च वारंट लाओ, और जहां चाहो तलाशी लो। इमरान ने कहा कि मैं अपनी फौज को कमजोर नहीं करना चाहता। यदि मैं अपनी फौज को कमजोर करूंगा तो अपने आप को कमजोर करूंगा। अगर देश नीचे जाता है तो पीडीएम प्रभावित नहीं होगा। हम इस देश के नागरिक, यहां रहने वाले प्रभावित होंगे। मैं देश से बाहर नहीं जाऊंगा। पीडीएम वही काम कर रही है जो ईस्ट पाकिस्तान में हुआ था।
जमां पार्क की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद
पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान के जमां पार्क स्थित आवास की ओर जाने वाली सभी सड़कों को पुलिस ने बंद कर दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री के आवास के बाहर पंजाब पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी तैनात कर दी गई है। धरमपुरा चौक और ठंडी रोड को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें: Pakistan: इमरान खान ने अपने घर में 30-40 आतंकियों को दी पनाह!, लाहौर पुलिस ने पूर्व पीएम के घर का किया घेराव
Imran Khan Case: पाकिस्तान में राजनीतिक संकट और बयानबाजी का दौर जारी है। बुधवार को पूर्व पीएम इमरान खान ने सिलसिलेवार कई ट्वीट किया। एक ट्वीट में उन्होंने यह दावा किया कि ‘हो सकता है कि ये उनका आखिरी ट्वीट हो।’ इमरान ने कहा कि 9 मई की हिंसा मुझे और मेरी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को बदनाम करने की साजिश है। पार्टी नेताओं को पीटीआई छोड़ने के लिए डराया-धमकाया जा रहा है। इसके पीछे जो लोग हैं, क्या उन्हें पता है कि पाकिस्तान के साथ क्या हो रहा है? यह सबकुछ पीटीआई पर प्रतिबंध लगाने की साजिश है। इमरान खान ने 9 मई को हुई हिंसा की जांच के लिए न्यायिक आयोग की मांग की है।
इमरान खान ने कहा कि हम न्यायिक आयोग के गठन की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। लाहौर में जिन्ना हाउस में जो हुआ उस पर पंजाब आईजी को बुलाया जाना चाहिए। अगर इसकी सही तरीके से जांच की जाए तो यह खुलासा हो जाएगा कि एक राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगाने की इस साजिश के पीछे कौन है?
सर्च वारंट लेकर आओ, मेरी भी जान को खतरा
इमरान खान ने कहा कि सरकार ने कहा है कि आतंकवादी जमां पार्क में पनाह लिए हुए हैं। यदि आतंकी छिपे हैं तो मुझे भी खतरा है। एक सर्च वारंट लाओ, और जहां चाहो तलाशी लो। इमरान ने कहा कि मैं अपनी फौज को कमजोर नहीं करना चाहता। यदि मैं अपनी फौज को कमजोर करूंगा तो अपने आप को कमजोर करूंगा। अगर देश नीचे जाता है तो पीडीएम प्रभावित नहीं होगा। हम इस देश के नागरिक, यहां रहने वाले प्रभावित होंगे। मैं देश से बाहर नहीं जाऊंगा। पीडीएम वही काम कर रही है जो ईस्ट पाकिस्तान में हुआ था।
जमां पार्क की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद
पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान के जमां पार्क स्थित आवास की ओर जाने वाली सभी सड़कों को पुलिस ने बंद कर दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री के आवास के बाहर पंजाब पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी तैनात कर दी गई है। धरमपुरा चौक और ठंडी रोड को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
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