मिडिल ईस्ट की जंग और होर्मुज स्ट्रेट की टेंशन के बीच प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मीटिंग होने के आसार हैं। जी हां, फ्रांस में जून महीने में जी-7 समिट होने वाला है, जिसमें दोनों राष्ट्राध्यक्ष मिल सकते हैं। दोनों के बीच ईरान युद्ध, मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी हो सकती है। इस समिट और मोदी-ट्रंप की मुलाकात की तैयारी चल रही है। समिट से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मई महीने में दिल्ली आएंगे और भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात करेंगे।
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फरवरी 2025 में हुई थी पिछली मुलाकात
बता दें कि मार्को रुबियो भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात के दौरान फ्रांस समिट की रूपरेखा तैयार करेंगे। समिट 15 से 17 जून के बीच हो सकता है। पिछली बार दोनों की मुलाकात फरवरी 2025 में हुई थी। इसके बाद अब तक दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती रही है। लेकिन अब दोनों के बीच फ्रांस के Évian में औपचारिक बैठक हो सकती है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को समिट में शिरकत करने का न्योता दिया है। लेकिन अभी ट्रंप-मोदी ने समिट में भाग लेने की घोषणा नहीं की है।
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ट्रंप पर भारत से संबंध सुधारने का दबाव
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ संबंधों को सुधारना चाहते हैं। फरवरी 2025 के बाद कई घटनाक्रम हो चुके हैं, जिस वजह से कम्युनिकेशन गैप भी आया है। इसलिए भारत के साथ संबंध सुधारने का दबाव भी राष्ट्रपति ट्रंप पर है। पाकिस्तान प्रेम की वजह से भी भारत के साथ रिश्ते तनाव पूर्ण हैं। हाल ही में भारत को नर्क कहकर उन्होंने भारत से रिश्तों को और खराब कर दिया है। इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को अपना सबसे अच्छा और करीबी दोस्त भी बताते रहे हैं। बावजूद इसके रिश्तों में तल्खी भी रही है।
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