हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

'क्रिप्टोकरेंसी हराम है…', एक फतवे ने कैसे बिगाड़ा पाकिस्तान में डिजिटल करेंसी का खेल

यह फतवा इस्लामाबाद के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है. पाकिस्तान ने हाल ही में ‘पाकिस्तान वर्चुअल एसेट्स रेगुलेटरी अथॉरिटी’ का गठन किया है ताकि इस क्षेत्र को लीगल फ्रेमवर्क दिया जा सके.

विज्ञापन

पाकिस्तान के एक प्रमुख धार्मिक इस्लामी गुरु ने क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार को लेकर बड़ा फतवा जारी किया है. उनक्रिप्टोकरेंसी को पूरी तरह से ‘हराम’ बताया है. यह फतवा ऐसे समय पर आया है जब पाकिस्तान सरकार देश में एक विनियमित क्रिप्टो इंडस्ट्री बनाने के लिए तेजी से कदम बढ़ा रही है. इस फतवे ने न केवल पाकिस्तान सरकार की मुश्किलों को बढ़ा दिया है, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हुए एक बड़े डिजिटल एसेट डील पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं.

क्या है फतवा?

यह फतवा दुनिया के सबसे प्रभावशाली इस्लामी विद्वानों में से एक मुफ्ती मोहम्मद तकी उस्मानी ने जारी किया है. इसे पाकिस्तान के प्रतिष्ठित सुन्नी मदरसे ‘दारुल उलूम कराची’ ने पब्लिक किया है. इस फतवे के दायरे में बिटकॉइन, एथेरियम और यूएसडीटी जैसी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी, टोकन और स्टेबलकॉइन्स शामिल हैं. फतवे में साफ कहा गया है कि ये डिजिटल एसेट शरिया के तहत ‘संपत्ति की इस्लामी परिभाषा पर खरे नहीं उतरते हैं. इसलिए इनका आयात-निर्यात या खरीद-बिक्री गैर-इस्लामी और नाजायज है.

यह भी पढ़ें : ‘हमें पाकिस्तान की जरूरत नहीं’, सरदार अमान खान बोले- यह न ‘आजाद’, न ‘विवादित’

विज्ञापन

2 करोड़ पाकिस्तानियों का भविष्य

यह फतवा इस्लामाबाद के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है. पाकिस्तान ने हाल ही में ‘पाकिस्तान वर्चुअल एसेट्स रेगुलेटरी अथॉरिटी’ का गठन किया है ताकि इस क्षेत्र को लीगल फ्रेमवर्क दिया जा सके. एक अनुमान के मुताबिक, 2 करोड़ से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिक क्रिप्टो ट्रेडिंग से जुड़े हैं और इसमें अरबों डॉलर का लेनदेन हो रहा है.

यह भी पढ़ें : PoK में क्यों मचा बवाल? भारत ने पाकिस्तान को ठहराया जिम्मेदार; इंटरनेशनल कम्यूनिटी से की ये मांग

विज्ञापन

फतवे के बाद पाकिस्तान वर्चुअल एसेट्स रेगुलेटरी अथॉरिटी के चेयरमैन बिलाल बिन साकिब ने दारुल उलूम कराची से संपर्क कर गुहार लगाई है कि विद्वानों को सट्टेबाजी वाले टोकन और सोने या वास्तविक संपत्ति पर आधारित डिजिटल एसेट्स के बीच अंतर समझना चाहिए.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola