'हमें पाकिस्तान की जरूरत नहीं', सरदार अमान खान बोले- यह न 'आजाद', न 'विवादित'

रावलकोट के ईदगाह मैदान में उमड़ा हजारों का हुजूम, पाकिस्तान के “आजाद कश्मीर” के झूठे नैरेटिव को सरेआम नकारा। आंदोलनकारी नेता सरदार अमान खान ने हुंकार भरते हुए कहा, पाकिस्तान को PoK की जरूरत है, हमें पाकिस्तान की नहीं। खाने-पीने के राशन और बुनियादी जरूरतों पर पाबंदी से भड़के लोग, भारत की तरफ रुख करने की दी चेतावनी।

Sardar Aman Khan Rawalakot speech

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलकोट में जारी भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच स्थानीय आंदोलनकारी संगठन ‘ज्वाइंट आवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) के प्रमुख नेता सरदार अमन खान ने इस्लामाबाद के दशकों पुराने नैरेटिव को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईदगाह मैदान में उमड़ी हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “PoK न तो ‘आजाद’ है और न ही यह कोई ‘विवादित’ क्षेत्र है, बल्कि यह पाकिस्तान द्वारा जबरन कब्जाया गया एक गुलाम इलाका है।” इस बयान ने कश्मीर पर पाकिस्तान के वैश्विक दावों की पोल खोल दी है।

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रावलकोट में गूंजा नारा— ‘हमें पाकिस्तान की जरूरत नहीं’

रावलकोट के ऐतिहासिक ईदगाह मैदान में आयोजित एक विशाल रैली में जेएएसी (JAAC) नेता सरदार अमन खान ने इतिहास का सबसे आक्रामक भाषण दिया। उन्होंने चिल्लाकर कहा, “यह कोई विवादित क्षेत्र नहीं है। यह एक ऑक्यूपाइड टेरिटरी है। इस पर जबरन कब्जा किया गया है। हमें पाकिस्तान की कोई जरूरत नहीं है, बल्कि पाकिस्तान को हमारी जरूरत है।” उनके इस बयान पर वहां मौजूद हजारों स्थानीय कश्मीरियों ने तालियों और पाकिस्तान-विरोधी नारों के साथ उनका समर्थन किया।

पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में 6 नागरिकों की मौत

इस आंदोलन को दबाने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सेना ने क्रूर रवैया अपनाया हुआ है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, रावलकोट और सूधनती जिले में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर पाकिस्तानी बलों द्वारा की गई सीधी गोलीबारी में 6 और नागरिकों की मौत हो गई है, जिनमें जाहिद मुगल, जफर मुगल और अर्सलान अकबर शामिल हैं। यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने इस सैन्य बर्बरता की कड़े शब्दों में निंदा की है और इस नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मांग की है। अब तक इस आंदोलन में कुल मौतों का आंकड़ा 20 के पार पहुंच चुका है।

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भारत से मदद की गुहार और ‘दूसरे रास्तों’ की चेतावनी

रावलकोट में चल रहे इस आंदोलन के नेताओं ने खुलेआम चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने खाद्यान्न आपूर्ति पर लगी अघोषित नाकेबंदी और इंटरनेट बैन को तुरंत खत्म नहीं किया, तो वे “दूसरे रास्तों” को अपनाने पर मजबूर होंगे। भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, ‘दूसरे रास्तों’ का सीधा मतलब भारत की ओर हाथ बढ़ाना और नियंत्रण रेखा (LoC) को पार कर जम्मू-कश्मीर से मदद मांगना है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि वे अब मुजफ्फरबाद तक लॉन्ग मार्च निकालने जा रहे हैं और जब तक उनकी 38 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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