Heavy rain in Nepal: नेपाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. राजधानी काठमांडू में स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां बागमती नदी उफान पर आ गई है और इसका पानी किनारों को तोड़कर बाहर बहने लगा है. नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया है. लगातार बारिश के चलते बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. नदी का पानी किनारे की बस्तियों की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में पानी भरने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है. स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सलाह दी है.
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हाईवे पर लैंडस्लाइड, देश से कटा संपर्क
भारी बारिश के कारण राजधानी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले प्रमुख राजमार्गों पर जगह-जगह भूस्खलन हुआ है. काठमांडू की लाइफलाइन माने जाने वाले पृथ्वी हाईवे पर धादिंग के पास सात जगहों पर मलबा गिरा है, जिसमें कृष्णभीर और तिग्रांग खोला में सड़क पूरी तरह बंद हो गई है. सड़कें बंद होने के कारण लंबी दूरी के कई यात्री और मालवाहक वाहन रास्तों में ही फंस गए हैं. सड़कों के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यात्री फंसे हुए हैं. राहत और बचाव दल मलबे को हटाकर हाईवे को फिर से चालू करने के काम में जुटे हुए हैं.
वहीं, बीपी हाईवे पर रोशी नदी के तेज बहाव में चौकीडांडा और घुमौने के अस्थायी डायवर्जन बह गए हैं. कावरेपलांचोक में भी लैंडस्लाइड के कारण प्रशासन ने शाम 5 बजे से सुबह 5 बजे तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है. इसके अलावा कांति लोकपथ पर भी ललितपुर साइड में भूस्खलन के कारण ट्रैफिक पूरी तरह रुक गया है, जिससे सैकड़ों वाहन रास्तों में फंसे हुए हैं.
12 जिलों में बाढ़ का खतरा, यात्रा न करने की चेतावनी
नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग (DHM) ने कोशी, बागमती, गंडकी, लुंबिनी और कर्णाली प्रांतों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. लुंबिनी और गंडकी के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है. विभाग ने 12 जिलों को बाढ़ के लिहाज से बेहद संवेदनशील घोषित किया है.
मौसम विभाग ने 25 से 27 सितंबर तक नागरिकों को लंबी दूरी की यात्राएं टालने की सलाह दी है. साथ ही, हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग पर निकले पर्यटकों से अपने कैंप रद्द कर सुरक्षित और निचले स्थानों पर लौटने की अपील की गई है. राहत एवं बचाव टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और मलबे को हटाने का काम जारी है.
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